साल के आखिरी कारोबारी दिन शेयर बाजार में जबरदस्त तेजी

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साल 2025 के आखिरी कारोबारी दिन बुधवार को भारतीय शेयर बाजार में जोरदार तेजी देखने को मिली जहां कम वॉल्यूम के बीच वैल्यू बायिंग ने बाजार को मजबूत सहारा दिया सेंसेक्स 545 अंकों की बढ़त के साथ 85220 पर बंद हुआ जबकि निफ्टी 191 अंक चढ़कर 26130 के स्तर पर पहुंच गया दिन की शुरुआत हल्की तेजी के साथ हुई थी क्योंकि साल के अंत में निवेशक सीमित वैश्विक संकेतों और सतर्क माहौल के बीच संतुलित रुख अपना रहे थे

बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक अब निवेशकों की नजर भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते ऑटो बिक्री के आंकड़ों बजट से जुड़ी घोषणाओं तीसरी तिमाही के नतीजों और वैश्विक आर्थिक घटनाक्रमों पर रहेगी जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के मुख्य निवेश रणनीतिकार वी के विजयकुमार का कहना है कि बाजार में ऊपर की ओर बढ़ने की क्षमता तो है लेकिन लगातार विदेशी निवेशकों की बिकवाली और अमेरिका भारत व्यापार से जुड़ी ठोस सकारात्मक खबरों की कमी इसकी रफ्तार को रोक रही है

उन्होंने कहा कि आने वाले दिन काफी अहम रहने वाले हैं क्योंकि दिसंबर के ऑटो बिक्री आंकड़े इसके बाद तिमाही नतीजे और बजट से जुड़ी उम्मीदें सामने आएंगी साथ ही 2026 में अमेरिकी फेडरल रिजर्व की संभावित नीतियों का भी असर दिख सकता है उनके मुताबिक तीसरी तिमाही के नतीजों पर खास नजर रखने की जरूरत है क्योंकि 2026 में बाजार की दिशा तय करने में कमाई की वृद्धि सबसे बड़ा फैक्टर होगी और इसी के आधार पर अगले साल विदेशी निवेशकों का रुख भी तय होगा

साल 2025 में सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ने मिलकर करीब 8 से 10 प्रतिशत का रिटर्न दिया जो हाल के वर्षों के मुकाबले कुछ कम रहा बाजार में विदेशी निवेशकों की भागीदारी इस साल कमजोर रही और आंकड़ों के अनुसार एफपीआई भारतीय शेयरों में शुद्ध विक्रेता बने रहे

बुधवार के सत्र पर टिप्पणी करते हुए एनरिच मनी के सीईओ पोनमुदी आर ने कहा कि साल के अंत में जोखिम लेने की क्षमता में धीरे धीरे सुधार दिखा जो मुख्य रूप से शॉर्ट कवरिंग और चुनिंदा खरीदारी की वजह से आया न कि बड़े स्तर पर नई पोजीशन बनाने से उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा चुनिंदा स्टील आयात पर करीब 11 से 12 प्रतिशत की तीन साल की सेफगार्ड ड्यूटी लगाए जाने के बाद मेटल शेयरों में तेजी आई और इस व्यापक रैली ने नए साल की शुरुआत में अगली दिशा तय करने का आधार बना दिया है

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के रिसर्च हेड विनोद नायर ने कहा कि बाजार ने 2025 का अंत मजबूती के साथ किया और लगभग सभी सेक्टरों में सुधार देखने को मिला उनके अनुसार 2026 को लेकर उम्मीदें बढ़ रही हैं जहां मांग की स्थिति में सुधार और नाममात्र जीडीपी वृद्धि से निवेशकों का भरोसा मजबूत हो सकता है मेटल शेयरों ने स्टील आयात पर शुल्क लगाए जाने के बाद बढ़त की अगुवाई की जबकि तेल और गैस शेयरों में स्थिर मांग और बेहतर रिफाइनिंग मार्जिन की उम्मीदों से तेजी आई

इस बीच अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी की कीमतों में तेज गिरावट देखने को मिली जहां यह 8 प्रतिशत से ज्यादा टूट गई वहीं घरेलू वायदा बाजार एमसीएक्स पर भी चांदी 5 प्रतिशत से ज्यादा गिरकर करीब 2.37 लाख रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गई

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