शुरुआती उतार-चढ़ाव के बाद हरे निशान में बंद हुआ शेयर बाजार, सेंसेक्स और निफ्टी में रही मामूली बढ़त

वैश्विक बाजारों से मिले मिश्रित संकेतों और पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच भारतीय शेयर बाजार ने सप्ताह के तीसरे कारोबारी दिन सकारात्मक रुख के साथ कारोबार समाप्त किया। दिनभर बाजार में उतार-चढ़ाव का माहौल बना रहा, लेकिन अंतिम घंटों में हुई खरीदारी के दम पर सेंसेक्स और निफ्टी दोनों हरे निशान में बंद होने में सफल रहे। निवेशकों ने चुनिंदा सेक्टरों में खरीदारी जारी रखी, जबकि कुछ क्षेत्रों में मुनाफावसूली भी देखने को मिली।
कारोबार समाप्त होने पर बीएसई सेंसेक्स 130.49 अंकों की बढ़त के साथ 77,185.43 अंक पर बंद हुआ। वहीं एनएसई निफ्टी 50 भी 26.45 अंक चढ़कर 24,078.50 के स्तर पर पहुंच गया। हालांकि दिन की शुरुआत काफी मजबूत रही थी और शुरुआती कारोबार में दोनों प्रमुख सूचकांकों ने उल्लेखनीय तेजी दिखाई थी, लेकिन बाद में वैश्विक संकेतों और कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी को लेकर निवेशकों की सतर्कता के कारण बाजार में उतार-चढ़ाव बना रहा।
सेंसेक्स ने कारोबार की शुरुआत मजबूती के साथ की और एक समय 77,646.27 के इंट्रा-डे उच्च स्तर तक पहुंच गया। इसी तरह निफ्टी भी कारोबार के दौरान 24,220.35 के उच्चतम स्तर तक गया। हालांकि ऊपरी स्तरों पर मुनाफावसूली के चलते दोनों सूचकांक अपनी ऊंचाई से नीचे आ गए, लेकिन अंत में सकारात्मक बढ़त के साथ बंद होने में सफल रहे। इससे यह संकेत मिलता है कि बाजार में अभी भी निवेशकों का भरोसा बना हुआ है, हालांकि वैश्विक परिस्थितियों को लेकर सतर्कता भी बनी हुई है।
व्यापक बाजारों का प्रदर्शन भी सकारात्मक रहा। निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 दोनों सूचकांकों में अच्छी बढ़त दर्ज की गई। इससे साफ है कि केवल बड़ी कंपनियों के शेयरों में ही नहीं, बल्कि मझोली और छोटी कंपनियों के शेयरों में भी निवेशकों की रुचि बनी रही। यह बाजार की व्यापक मजबूती का संकेत माना जा रहा है।
सेक्टोरल प्रदर्शन की बात करें तो बैंकिंग और वित्तीय शेयरों ने बाजार को सबसे अधिक समर्थन दिया। पीएसयू बैंक इंडेक्स में करीब एक प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई। इसके अलावा कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, ऑयल एंड गैस, फाइनेंशियल सर्विसेज, फार्मा, हेल्थकेयर और ऑटो सेक्टर के शेयरों में भी खरीदारी देखने को मिली। इन क्षेत्रों में मजबूत निवेश के कारण बाजार को सकारात्मक दिशा मिली।
दूसरी ओर मेटल सेक्टर में सबसे अधिक कमजोरी देखने को मिली। धातु कंपनियों के शेयरों में बिकवाली का दबाव रहा, जबकि सूचना प्रौद्योगिकी, एफएमसीजी, मीडिया और रियल्टी सेक्टर के शेयरों में भी गिरावट दर्ज की गई। निवेशकों ने इन क्षेत्रों में सतर्क रुख अपनाया, जिससे इन सूचकांकों पर दबाव बना रहा।
व्यक्तिगत शेयरों की बात करें तो अल्ट्राटेक सीमेंट, एचडीएफसी लाइफ, श्रीराम फाइनेंस, आयशर मोटर्स, एसबीआई और इटरनल के शेयर प्रमुख बढ़त हासिल करने वालों में शामिल रहे। वहीं हिंडाल्को इंडस्ट्रीज, पावर ग्रिड, टाटा स्टील, एलएंडटी, जेएसडब्ल्यू स्टील और इंफोसिस के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई।
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में वैश्विक आर्थिक घटनाक्रम, कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और विदेशी निवेशकों की गतिविधियां भारतीय शेयर बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगी। फिलहाल बाजार में सकारात्मक धारणा बनी हुई है, लेकिन निवेशकों को अंतरराष्ट्रीय घटनाओं और आर्थिक संकेतकों पर लगातार नजर बनाए रखने की जरूरत होगी।
