शेयर बाजार में सपाट शुरुआत, सेंसेक्स 32 अंक फिसला; IT और कंज्यूमर शेयरों में तेजी, बैंकिंग पर दबाव

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घरेलू शेयर बाजार ने मंगलवार को कारोबार की शुरुआत लगभग सपाट स्तर पर की। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी के बीच निवेशकों में सतर्कता दिखाई दी। हालांकि, आईटी और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स शेयरों में खरीदारी ने बैंकिंग और वित्तीय कंपनियों के शेयरों में आई कमजोरी को काफी हद तक संतुलित किया। शुरुआती कारोबार में बाजार में बहुत बड़ी हलचल देखने को नहीं मिली और प्रमुख सूचकांक मामूली गिरावट के साथ खुले।

सेंसेक्स 32.67 अंक यानी 0.04 प्रतिशत की गिरावट के साथ 78,509.77 के स्तर पर खुला। इसी तरह निफ्टी भी 8.70 अंक यानी 0.04 प्रतिशत फिसलकर 24,575.10 के स्तर पर पहुंच गया। बाजार की शुरुआती चाल से संकेत मिला कि निवेशक फिलहाल घरेलू कंपनियों के प्रदर्शन, विदेशी निवेश और कच्चे तेल की कीमतों समेत कई महत्वपूर्ण संकेतकों पर नजर बनाए हुए हैं।

सेक्टर के लिहाज से आईटी शेयरों में अच्छी खरीदारी देखने को मिली। निफ्टी मिडस्मॉल आईटी एंड टेलीकॉम इंडेक्स में 0.73 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई। निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स 0.66 प्रतिशत और निफ्टी आईटी इंडेक्स 0.63 प्रतिशत ऊपर रहा। इसके अलावा रियल्टी, ऑटो और फार्मा से जुड़े शेयरों में भी सकारात्मक रुख देखने को मिला।

दूसरी ओर बैंकिंग शेयरों पर दबाव बना रहा। निफ्टी प्राइवेट बैंक इंडेक्स में 0.64 प्रतिशत की गिरावट आई, जबकि निफ्टी पीएसयू बैंक इंडेक्स 0.62 प्रतिशत नीचे रहा। बैंकिंग और वित्तीय शेयरों में कमजोरी ने बाजार की तेजी को सीमित रखा और इसी वजह से शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स और निफ्टी में बहुत ज्यादा बढ़त देखने को नहीं मिली।

निवेशकों के लिए कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें इस समय एक महत्वपूर्ण चिंता बनी हुई हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड की कीमत 0.41 प्रतिशत बढ़कर 88.08 डॉलर प्रति बैरल हो गई। वहीं अमेरिकी WTI क्रूड 0.47 प्रतिशत की तेजी के साथ 82.52 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। कच्चे तेल की कीमतों में लगातार तेजी भारत जैसे बड़े आयातक देश के लिए दबाव बढ़ा सकती है, खासकर महंगाई और आयात बिल के लिहाज से।

हालांकि, विदेशी संस्थागत निवेशकों की खरीदारी बाजार के लिए सकारात्मक संकेत मानी जा रही है। कंपनियों के पहली तिमाही के बेहतर नतीजों और रुपये की अपेक्षाकृत स्थिर स्थिति से विदेशी निवेशकों का भरोसा मजबूत होने की उम्मीद है। इससे बाजार में गिरावट के दौरान खरीदारी को समर्थन मिल सकता है।

एशियाई बाजारों से भी मंगलवार को मिले-जुले संकेत मिले। शुरुआती कारोबार में जापान का निक्केई करीब 2 प्रतिशत और दक्षिण कोरिया का KOSPI एक प्रतिशत से अधिक चढ़ा। दूसरी ओर हांगकांग का हैंग सेंग करीब 0.6 प्रतिशत कमजोर रहा। इससे एशियाई बाजारों में निवेशकों के बीच अलग-अलग रुख देखने को मिला।

इससे पहले सोमवार को अमेरिकी शेयर बाजार भी मामूली गिरावट के साथ बंद हुए थे। S&P 500 में 0.06 प्रतिशत और Nasdaq में 0.32 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। ऐसे में घरेलू बाजार में निवेशकों की नजर अब कच्चे तेल की कीमतों, विदेशी निवेश, रुपये की चाल और कंपनियों के तिमाही नतीजों पर बनी हुई है।

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