सोना-चांदी में जबरदस्त उछाल, गोल्ड 1.49 लाख के पार तो सिल्वर 2.39 लाख रुपये प्रति किलो पहुंची

भारतीय सर्राफा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में एक बार फिर मजबूत तेजी देखने को मिली है। कारोबारी गतिविधियों के बीच दोनों कीमती धातुओं ने उल्लेखनीय बढ़त दर्ज की, जिससे निवेशकों और खरीदारों का ध्यान इस ओर आकर्षित हुआ है। बाजार में जारी इस तेजी के चलते 24 कैरेट सोना नई ऊंचाइयों के करीब पहुंच गया है, जबकि चांदी ने भी मजबूत प्रदर्शन करते हुए महत्वपूर्ण स्तर को पार कर लिया है।
ताजा कारोबार के दौरान 24 कैरेट सोने की कीमत में करीब 1.2 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई। इस उछाल के बाद सोना 1 लाख 49 हजार 360 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार करता दिखाई दिया। वहीं चांदी ने सोने से भी अधिक मजबूती दिखाई और लगभग 2.3 प्रतिशत की तेजी के साथ 2 लाख 39 हजार 260 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर तक पहुंच गई। कीमती धातुओं में आई इस तेजी ने बाजार में नई चर्चा शुरू कर दी है और निवेशकों के बीच भविष्य की संभावनाओं को लेकर उत्सुकता बढ़ गई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ती अनिश्चितता, वैश्विक आर्थिक परिस्थितियां और सुरक्षित निवेश की मांग में वृद्धि सोने और चांदी की कीमतों को समर्थन दे रही हैं। जब भी वैश्विक स्तर पर आर्थिक या भू-राजनीतिक जोखिम बढ़ते हैं, निवेशक आमतौर पर सोने और चांदी जैसे सुरक्षित विकल्पों की ओर रुख करते हैं। यही वजह है कि हाल के दिनों में इन धातुओं की मांग में लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है।
घरेलू कमोडिटी बाजार में भी तेजी का माहौल बना हुआ है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी एमसीएक्स पर अगस्त डिलीवरी वाले सोने के अनुबंध में लगभग 1.3 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई। इस तेजी के साथ सोना 1 लाख 49 हजार रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास पहुंच गया। दूसरी ओर जुलाई अनुबंध वाली चांदी में भी करीब 2.2 प्रतिशत की मजबूती दिखाई दी और इसका भाव 2 लाख 38 हजार रुपये प्रति किलोग्राम से ऊपर कारोबार करता नजर आया।
बाजार विश्लेषकों के अनुसार, निवेशकों की बढ़ती भागीदारी और सुरक्षित निवेश की मांग ने कीमती धातुओं को मजबूती प्रदान की है। इसके अलावा वैश्विक मुद्रा बाजार में उतार-चढ़ाव और केंद्रीय बैंकों की नीतियों पर निवेशकों की नजर बनी हुई है। ऐसे समय में सोना और चांदी निवेश के लिए आकर्षक विकल्प बनकर उभर रहे हैं।
आगामी महीनों में त्योहारी सीजन और शादी-विवाह के कार्यक्रमों के चलते सोने की भौतिक मांग में भी बढ़ोतरी की संभावना जताई जा रही है। हालांकि ऊंची कीमतों के कारण कुछ खरीदार फिलहाल इंतजार की रणनीति भी अपना सकते हैं। इसके बावजूद निवेशकों का विश्वास बना हुआ है और बाजार में सकारात्मक रुझान दिखाई दे रहा है।
चांदी की बात करें तो औद्योगिक उपयोग और निवेश दोनों क्षेत्रों से इसकी मांग लगातार मजबूत बनी हुई है। इलेक्ट्रॉनिक्स, सोलर एनर्जी और विभिन्न विनिर्माण क्षेत्रों में चांदी की बढ़ती खपत इसके भाव को अतिरिक्त समर्थन दे रही है। यही कारण है कि चांदी ने हाल के कारोबारी सत्रों में सोने के मुकाबले अधिक तेजी दिखाई है।
कुल मिलाकर भारतीय बुलियन बाजार में सोना और चांदी दोनों मजबूत स्थिति में नजर आ रहे हैं। कीमतों में आई यह तेजी निवेशकों के लिए अवसर और खरीदारों के लिए चुनौती दोनों लेकर आई है। आने वाले दिनों में वैश्विक संकेतों और घरेलू मांग के आधार पर इन धातुओं की दिशा तय होगी, लेकिन फिलहाल बाजार में तेजी का माहौल कायम है।
