सीतापुरम को मिली मंजूरी: मां सीता की धरती पर बनेगी आधुनिक टाउनशिप, रोजगार और पर्यटन को मिलेगी नई दिशा

नीतीश सरकार ने सीतामढ़ी जिले में प्रस्तावित सीतापुरम टाउनशिप के विकास को मंजूरी दे दी है। NDA सरकार के गठन के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अगुवाई में हुई पहली कैबिनेट बैठक में नगर विकास विभाग के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की गई। इस निर्णय के बाद सीतामढ़ी, विशेषकर पुनौराधाम क्षेत्र में, बड़े पैमाने पर धार्मिक, सांस्कृतिक और शहरी विकास का मार्ग प्रशस्त हो गया है। इसे जगत जननी मां सीता की जन्मस्थली को अंतरराष्ट्रीय स्तर का धार्मिक पर्यटन केंद्र बनाने की दिशा में सबसे बड़ा कदम माना जा रहा है।
सीतापुरम प्रोजेक्ट के तहत एक सुनियोजित, आधुनिक और पर्यावरण-सम्मत टाउनशिप का विकास किया जाएगा। इसमें श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए अत्याधुनिक सुविधाएं, चौड़ी सड़कों, बेहतर जल आपूर्ति, हरित क्षेत्र, पार्क, होटल, मल्टीप्लेक्स, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स और अन्य आवश्यक ढांचागत निर्माण शामिल होंगे। सरकार का दावा है कि इस परियोजना के पूरा होने के बाद सीतामढ़ी का स्वरूप पूरी तरह बदल जाएगा और यह मिथिलांचल का प्रमुख तीर्थ एवं पर्यटन केंद्र बनकर उभरेगा।
इसके साथ ही पुनौराधाम में मां सीता के भव्य एवं दिव्य मंदिर निर्माण का कार्य भी तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। मंदिर और टाउनशिप दोनों मिलकर क्षेत्र के धार्मिक महत्व को और सशक्त करेंगे। विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले वर्षों में यहां देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु पहुंच सकते हैं, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और आर्थिक गतिविधियों में भारी वृद्धि होगी।
सरकार ने सीतापुरम को मजबूत कनेक्टिविटी देने के लिए तीन बड़े एक्सप्रेस वे से जोड़ने की योजना पर भी काम तेज कर दिया है। इनमें राम जानकी पथ एक्सप्रेस वे, रक्सौल-हल्दिया एक्सप्रेस वे और गोरखपुर-सिलीगुड़ी एक्सप्रेस वे शामिल हैं। राम जानकी पथ के माध्यम से अयोध्या से सीतामढ़ी तक सीधा और चौड़ा मार्ग मिलेगा, जिस पर लगभग 6155 करोड़ रुपए खर्च होंगे। रक्सौल-हल्दिया एक्सप्रेस वे के जरिए सीतामढ़ी से देवघर की दूरी महज चार घंटे रह जाएगी, जबकि गोरखपुर-सिलीगुड़ी एक्सप्रेस वे निर्माण से उत्तर बिहार और उत्तर-पूर्वी राज्यों के बीच आवागमन सुगम होगा। इन परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तेजी से जारी है।
इस विकास योजना ने स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों में उत्साह का माहौल पैदा कर दिया है। क्षेत्र के सांसद देवेशचंद्र ठाकुर ने इसे “मां सीता की धरती के विकास सफर की शुरुआत” बताते हुए कहा कि यह लंबे समय से लोगों की अपेक्षाओं का परिणाम है। उन्होंने सुझाव दिया कि यहां आम श्रद्धालुओं के लिए दर्जनों धर्मशालाओं का निर्माण किया जाना चाहिए, ताकि कम खर्च में बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।
लोक अभियोजक विमल शुक्ला ने भी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और नगर विकास विभाग को बधाई देते हुए कहा कि यह परियोजना क्षेत्र की आर्थिक, सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान को नई ऊंचाई देगी।
