भारतीय शेयर बाजार में बुधवार को आई तेजी, सेंसेक्स और निफ्टी में बढ़त के साथ खुला कारोबार

सप्ताह के तीसरे कारोबारी दिन बुधवार को भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत मजबूती के साथ हुई। शुरुआती घंटी बजते ही प्रमुख संवेदी सूचकांक हरे निशान में कारोबार करते हुए नजर आए। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का सूचकांक सेंसेक्स दो सौ बयालीस से अधिक अंकों की तेजी के साथ चौहत्तर हजार दो सौ के पार पहुंच गया। वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी तिरासी अंकों की बढ़त बनाकर तेईस हजार दो सौ के स्तर पर बना हुआ था। इस शुरुआती उछाल से निवेशकों के चेहरे खिल गए और बाजार में सकारात्मक माहौल देखने को मिला।
एफएमसीजी और बैंकिंग शेयरों ने बाजार को दिया सहारा
कारोबार की शुरुआत में एफएमसीजी सेक्टर के शेयरों में सबसे ज्यादा खरीदारी देखी गई। निफ्टी एफएमसीजी सूचकांक एक प्रतिशत से अधिक की बढ़त हासिल करके सबसे आगे रहा। इसके अलावा पीएसयू बैंक, ऑटो, ऑयल एंड गैस, इन्फ्रा और आईटी जैसे प्रमुख सेक्टरों के सूचकांक भी मजबूती के साथ कारोबार कर रहे थे। हालांकि इस दौरान रक्षा क्षेत्र से जुड़ा निफ्टी डिफेंस इंडेक्स मामूली गिरावट के साथ लाल निशान में कारोबार करता हुआ दिखाई दिया। मिडकैप और स्मॉलकैप श्रेणियों में मिलाजुला रुख देखने को मिला।
दिग्गज शेयरों में हलचल और गिरावट वाले स्टॉक्स
लार्जकैप कंपनियों के शेयरों में आईटीसी, महिंद्रा एंड महिंद्रा, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, हिंदुस्तान यूनिलीवर, एशियन पेंट्स, कोटक महिंद्रा बैंक और मारुति सुजुकी जैसे दिग्गज गेनर्स की सूची में बने हुए थे। इन कंपनियों के शेयरों में हुई लिवाली ने सूचकांकों को ऊपर ले जाने में अहम भूमिका निभाई। दूसरी तरफ एनटीपीसी, इंडिगो और एचडीएफसी बैंक जैसी कुछ प्रमुख कंपनियों के शेयरों में बिकवाली का दबाव देखा गया, जिससे ये शेयर लूजर्स की श्रेणी में आ गए।
एशियाई और अमेरिकी बाजारों से मिले संकेत
वैश्विक संकेतों की बात करें तो ज्यादातर एशियाई बाजारों में आज बढ़त का रुख देखा गया। टोक्यो, शंघाई और सोल के प्रमुख बाजारों में खरीदारी का माहौल रहा, जबकि हांगकांग और बैंकॉक के बाजारों में नरमी दर्ज की गई। इससे पहले मंगलवार को अमेरिकी शेयर बाजार गिरावट के साथ बंद हुए थे, जहां डाओ जोन्स और नैस्डैक दोनों ही लाल निशान में बंद हुए थे। अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों का असर घरेलू बाजार की चाल पर साफ तौर पर देखा जा रहा है।
मैक्रो इकोनॉमिक कारक और विदेशी निवेशकों का रुख
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार अमेरिकी बॉन्ड यील्ड और कच्चे तेल की ऊंची कीमतें घरेलू बाजार के लिए चिंता का विषय बनी हुई हैं। जब तक ये मैक्रो कारक अनुकूल नहीं होते, तब तक बाजार में बड़ी और टिकाऊ तेजी की संभावना सीमित मानी जा रही है। विदेशी संस्थागत निवेशक पिछले कुछ दिनों से लगातार बिकवाली कर रहे हैं। बॉन्ड यील्ड में मजबूती के चलते हर छोटी तेजी पर विदेशी निवेशकों की ओर से मुनाफावसूली या बिकवाली का सिलसिला आगे भी जारी रह सकता है।
