भारतीय शेयर बाजार में लौटी हरियाली सेंसेक्स और निफ्टी में दर्ज की गई शानदार बढ़त

पिछले घाटे से उबरकर बाजार हरे निशान में बंद
भारतीय शेयर बाजार में पिछले दिनों की गिरावट के बाद बुधवार के कारोबार में अच्छी रिकवरी देखने को मिली। वैश्विक संकेतों और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में आए ठहराव के चलते निवेशकों के हौसले बुलंद रहे, जिससे प्रमुख बेंचमार्क सूचकांक तेजी के साथ बंद होने में सफल रहे।
कारोबार के दौरान लिवाली का दौर लगातार बना रहा, जिसके चलते मुख्य सूचकांक करीब आधा प्रतिशत तक चढ़ गए। अंतरराष्ट्रीय बाजार में वैश्विक चिंताओं के बीच तेल के दाम स्थिर रहने से घरेलू बाजार की धारणा को काफी मजबूती मिली है।
सेंसेक्स और निफ्टी में मजबूती के आंकड़े
कारोबार के अंत में सेंसेक्स लगभग तीन सौ अंकों की छलांग लगाकर चौहत्तर हजार आठ सौ अट्ठाईस के स्तर पर बंद हुआ। सूचकांक में यह करीब शून्य दशमलव चार शून्य प्रतिशत का उछाल रहा।
दूसरी ओर निफ्टी पचास में भी एक सौ सत्रह अंकों से अधिक की बढ़त दर्ज की गई और यह तेजी के साथ तेईस हजार चार सौ छियालीस के स्तर पर पहुंचने में सफल रहा। निफ्टी में पूरे दिन सकारात्मक रुख देखा गया, जिससे सूचकांक आधा प्रतिशत मजबूत हुआ।
मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी लिवाली
मुख्य सूचकांकों के साथ-साथ व्यापक बाजार में भी खरीदारी का अच्छा माहौल रहा। छोटे और मझोले शेयरों ने बड़े सूचकांकों के मुकाबले अधिक दम दिखाया, जिससे निवेशकों के पोर्टफोलियो में अच्छा सुधार देखा गया।
मिडकैप सूचकांक में शून्य दशमलव सात शून्य प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई, वहीं स्मॉलकैप इंडेक्स लगभग शून्य दशमलव आठ नौ प्रतिशत तक चढ़कर बंद हुआ। व्यापक बाजार में इस तरह की भागीदारी से स्पष्ट होता है कि निवेशकों का भरोसा बाजार पर वापस लौट रहा है।
मेटल और बैंकिंग सेक्टर में सबसे ज्यादा तेजी
सेक्टर के हिसाब से देखें तो मेटल सेक्टर का प्रदर्शन सबसे बेहतरीन रहा। इस सेक्टर के इंडेक्स में दो प्रतिशत से अधिक की भारी तेजी दर्ज की गई, जिसने बाजार को ऊपर खींचने में बड़ी भूमिका निभाई।
इसके अलावा एफएमसीजी, सरकारी बैंक, रियल्टी और सीमेंट सेक्टरों ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए एक प्रतिशत से अधिक की बढ़त हासिल की। इन क्षेत्रों में आई तेजी ने बाजार को मजबूती से ऊपरी स्तरों पर बनाए रखा।
आईटी और मीडिया शेयरों पर रहा दबाव
बाजार में हरियाली के बीच कुछ क्षेत्रों में सुस्ती और बिकवाली का दबाव भी महसूस किया गया। विशेष रूप से सूचना प्रौद्योगिकी यानी आईटी और मीडिया सेक्टर के शेयरों में मुनाफावसूली का दौर देखने को मिला।
आईटी सूचकांक में करीब शून्य दशमलव आठ सात प्रतिशत की गिरावट आई, जबकि मीडिया इंडेक्स भी आधा प्रतिशत टूटकर बंद हुआ। इस गिरावट के कारण मुख्य सूचकांक अपनी बढ़त को और अधिक ऊपर ले जाने में असमर्थ रहे।
प्रमुख शेयरों का प्रदर्शन और बाजार की स्थिति
निफ्टी के शीर्ष बढ़त बनाने वाले शेयरों में धातुकर्म और वित्तीय कंपनियों का दबदबा रहा। बजाज फाइनेंस, हिंडाल्को, टाटा स्टील, अपोलो अस्पताल और जेएसडब्ल्यू स्टील जैसे शेयरों ने बेहतरीन प्रदर्शन दिखाया।
इसके विपरीत टेक कंपनियों और कुछ प्रमुख दिग्गजों जैसे एचसीएल टेक, इंफोसिस, टीसीएस, टाइटन और विप्रो के शेयरों को बिकवाली का सामना करना पड़ा। कुल मिलाकर, आईटी सेक्टर की मंदी के बावजूद मेटल और बैंकिंग की तेजी ने बाजार को बढ़त दिलाने में मुख्य भूमिका निभाई।
