शेयर बाजार में लगातार चौथे दिन हाहाकार, सेंसेक्स 1280 अंक टूटकर साल के नए निचले स्तर पर पहुंचा

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भारतीय शेयर बाजार में चौतरफा बिकवाली का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल और ऊर्जा की कीमतों में अनिश्चितता, बॉन्ड यील्ड में लगातार उतार-चढ़ाव तथा आने वाले समय में ब्याज दरों में बढ़ोतरी की आशंकाओं ने निवेशकों के बीच भारी घबराहट पैदा कर दी है। इसी वैश्विक और घरेलू दबाव के चलते भारतीय शेयर बाजार लगातार चौथे कारोबारी सत्र में भारी गिरावट दर्ज करते हुए गहरे लाल निशान में बंद हुआ। कारोबार के दौरान सेंसेक्स और निफ्टी दोनों प्रमुख सूचकांकों में तेज बिकवाली देखने को मिली।

कारोबार के अंत में बाजार का हाल

दलाल स्ट्रीट में दिन भर चले इस उथल-पुथल भरे कारोबार के समापन पर बीएसई सेंसेक्स 570.59 अंक यानी 0.79 प्रतिशत की बड़ी कमजोरी के साथ 71,909.70 के स्तर पर आकर बंद हुआ। इसी तरह नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 50 सूचकांक भी बिकवाली के दबाव को नहीं झेल सका और 198.50 अंक यानी 0.88 प्रतिशत टूटकर 22,421.95 के स्तर पर आ गया। बाजार बंद होते समय अधिकतर प्रमुख सेक्टर्स में निवेशकों को भारी नुकसान उठाना पड़ा।

सेंसेक्स ने छुआ कैलेंडर वर्ष का नया निचला स्तर

आज के कारोबारी दिन में सेंसेक्स में एक समय बेहद डरावनी स्थिति बन गई थी। दिन के उच्चतम स्तर 72,573 से फिसलकर सेंसेक्स 71,293 के निचले स्तर तक चला गया। यानी intraday कारोबार में सेंसेक्स में 1,280 अंकों का बड़ा गोता देखने को मिला। इस तेज गिरावट के साथ ही सेंसेक्स चालू कैलेंडर वर्ष के अपने नए निचले स्तर पर पहुंच गया। इसने अप्रैल 2026 में बने अपने पिछले निचले स्तर 71,545 के रिकॉर्ड को भी तोड़ दिया, जिससे बाजार का सेंटीमेंट काफी कमजोर हुआ है।

निफ्टी 50 में भी 1.7 प्रतिशत की इंट्राडे गिरावट

सेंसेक्स की ही तर्ज पर एनएसई के निफ्टी 50 सूचकांक में भी दिन के दौरान जबर्दस्त बिकवाली हावी रही। निफ्टी अपने दिन के उच्चतम स्तर 22,611 से 394 अंक यानी लगभग 1.7 प्रतिशत फिसलकर 22,217 के निचले स्तर तक चला गया था। यद्यपि कारोबार के अंतिम घंटों में इसमें मामूली सुधार दर्ज किया गया, लेकिन यह अप्रैल में दर्ज किए गए इस साल के सबसे निचले स्तर 22,183 के बेहद करीब पहुंच चुका है। निफ्टी में आई इस मंदी ने सभी बड़े निवेशकों के पोर्टफोलियो पर असर डाला है।

प्रमुख शेयरों का प्रदर्शन और उतार-चढ़ाव

आज के इस निराशाजनक माहौल में भी कुछ चुनिंदा शेयरों ने बाजार को सहारा देने की कोशिश की, जबकि अधिकांश दिग्गज शेयर ताश के पत्तों की तरह ढह गए। निफ्टी 50 में शामिल बजाज ऑटो, मारुति सुजुकी, श्रीराम फाइनेंस, टाटा स्टील, ग्रासिम इंडस्ट्रीज, आयशर मोटर्स और महिंद्रा एंड महिंद्रा के शेयर्स बिकवाली के मुख्य शिकार रहे और इनमें सबसे ज्यादा गिरावट दर्ज की गई। इसके विपरीत आईटी और बैंकिंग क्षेत्र की दिग्गज कंपनियों जैसे इंफोसिस, एचडीएफसी बैंक, टीसीएस, एसबीआई लाइफ, एचडीएफसी लाइफ और मैक्स हेल्थ के शेयरों में लिवाली देखने को मिली, जिससे बाजार और अधिक गिरने से बच गया।

स्मॉलकैप और मिडकैप इंडेक्स भी टूटे

केवल बड़े कैप वाले शेयर ही नहीं, बल्कि व्यापक बाजार में भी निवेशकों को बिकवाली का सामना करना पड़ा। छोटे और मध्यम दर्जे की कंपनियों के शेयरों का प्रतिनिधित्व करने वाले निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स में 1.01 प्रतिशत की गिरावट आई। इसी प्रकार निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स भी 0.97 प्रतिशत टूटकर बंद हुआ। व्यापक बाजार में हुई इस गिरावट से साफ है कि रिटेल निवेशकों का मुनाफा भी आज बुरी तरह प्रभावित हुआ है।

सेक्टरवार प्रदर्शन: आईटी को छोड़ बाकी सेक्टर्स पस्त

अगर अलग-अलग सेक्टर्स के प्रदर्शन की बात करें तो ऑटो और मेटल सेक्टर्स आज सबसे ज्यादा घाटे में रहे। निफ्टी ऑटो, निफ्टी मेटल, निफ्टी मीडिया और निफ्टी एफएमसीजी इंडेक्स में तगड़ी गिरावट दर्ज की गई। वाहन और धातु कंपनियों के शेयरों में हुई बिकवाली ने पूरे बाजार का मूड खराब कर दिया। हालांकि, सूचना प्रौद्योगिकी यानी आईटी सेक्टर इस मंदी के दौर में एक सुरक्षित ठिकाने के रूप में उभरा। निफ्टी आईटी इंडेक्स आज बढ़त बनाने में सफल रहा और इसने सूचकांक को निचले स्तरों से थोड़ा संभालने में अहम भूमिका निभाई।

निवेशकों के लिए आगे की राह

बाजार में जारी इस अस्थिरता को देखते हुए वित्तीय विश्लेषकों का मानना है कि जब तक अंतरराष्ट्रीय बाजारों से सकारात्मक संकेत नहीं मिलते और ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता खत्म नहीं होती, तब तक भारतीय शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव बना रहेगा। विशेषज्ञों ने छोटे और खुदरा निवेशकों को इस समय किसी भी प्रकार की पैनिक सेलिंग से बचने और केवल मजबूत फंडामेंटल वाले शेयरों में लंबी अवधि के लिए बने रहने की सलाह दी है।

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