सोना-चांदी की कीमतों में भारी हलचल जानें आपके शहर में 24 कैरेट सोने और चांदी का ताजा भाव

कीमती धातुओं के बाजार में उतार-चढ़ाव
सप्ताह के पहले कारोबारी दिन भारतीय सराफा और वायदा बाजार में सोने तथा चांदी की कीमतों में मिला-जुला रुख देखने को मिला है। एक ओर जहाँ वैश्विक संकेतों के कारण सोने की कीमतों में मामूली नरमी या स्थिरता का माहौल रहा, वहीं दूसरी ओर औद्योगिक मांग बढ़ने से चांदी की कीमतों में तेजी दर्ज की गई। स्थानीय बाजारों में खरीदारी करने पहुँच रहे ग्राहकों के लिए यह मिला-जुला रुझान देखने को मिल रहा है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में डॉलर की मजबूती और ब्याज दरों को लेकर जारी अनिश्चितता का असर सीधा भारतीय कीमती धातुओं के भाव पर पड़ा है। निवेशकों की नजरें आने वाले आर्थिक आंकड़ों पर टिकी हैं, जिससे बाजार की भावी दिशा तय होगी।
सोने की दरों की स्थिति
घरेलू सराफा बाजार में 24 कैरेट और 22 कैरेट सोने की कीमतों में मामूली उतार-चढ़ाव देखा गया। 24 कैरेट शुद्ध सोने का भाव प्रति 10 ग्राम स्थिर बना हुआ है, जबकि 22 कैरेट आभूषण वाले सोने की दरों में हल्की गिरावट दर्ज की गई। त्योहारी सीजन से ठीक पहले आई इस स्थिरता से आम खरीदारों को थोड़ी राहत मिली है।
वायदा बाजार में भी सोने के अनुबंधों में बहुत सीमित दायरे में कारोबार हो रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच निवेशक सुरक्षित निवेश के रूप में सोने की तरफ रुख कर रहे हैं, जिससे इसके भाव निचले स्तरों पर मजबूत बने हुए हैं।
चांदी की बढ़ती मांग और कीमतें
सोने के विपरीत, चांदी के भाव में उछाल देखने को मिला है। औद्योगिक मांग और इलेक्ट्रॉनिक क्षेत्र से बढ़ती खपत के कारण चांदी प्रति किलोग्राम दरों में अच्छी तेजी दर्ज की गई है। स्थानीय सराफा बाजारों में चांदी की खरीदारी करने वालों को पिछले दिनों की तुलना में अधिक जेब ढीली करनी पड़ रही है।
विश्लेषकों का कहना है कि वैश्विक स्तर पर आपूर्ति की कमी और ग्रीन एनर्जी सेक्टर में चांदी के बढ़ते उपयोग के चलते लंबी अवधि में इसमें और मजबूती देखने को मिल सकती है।
निवेशकों और खरीदारों के लिए सलाह
सोने और चांदी के बाजार में जारी इस हलचल को देखते हुए बाजार विशेषज्ञों ने खरीदारों को समझदारी से कदम उठाने की सलाह दी है। आभूषण खरीदने वालों के लिए 22 कैरेट की दरों पर नजर बनाए रखना जरूरी है, वहीं निवेश के लिहाज से डिजिटल गोल्ड या सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड बेहतर विकल्प साबित हो सकते हैं।
बाजार में जारी इस अस्थिरता के बीच यह उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले हफ्तों में मांग बढ़ने से कीमतों में फिर से बड़ा फेरबदल देखने को मिल सकता है।
