शेयर बाजार में दो दिनों की गिरावट के बाद शानदार रिकवरी: सेंसेक्स 879 अंक उछला, निफ्टी आईटी शेयरों के दम पर 22,500 के पार

भारतीय शेयर बाजार में लगातार दो दिनों से बनी गिरावट और अनिश्चितता के माहौल के बाद हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन शानदार रिकवरी देखने को मिली। शुक्रवार के सत्र में निवेशकों ने जमकर खरीदारी की, जिससे दलाल स्ट्रीट का माहौल पूरी तरह से खुशनुमा हो गया। बाजार के दोनों प्रमुख सूचकांक हरे निशान के साथ बंद होने में सफल रहे। सेंसेक्स आठ सौ से अधिक अंकों की बढ़त के साथ मजबूत स्तर पर बंद हुआ, वहीं निफ्टी ने भी बाईस हजार पांच सौ के महत्त्वपूर्ण आंकड़े को पार कर लिया। इस तेजी से भारतीय शेयर बाजार के निवेशकों के पोर्टफोलियो में अच्छी बढ़त दर्ज की गई।
दलाल स्ट्रीट में तेजी लाने और बाजार की रिकवरी में सबसे बड़ा योगदान सूचना प्रौद्योगिकी यानी आईटी सेक्टर के शेयरों का रहा। पिछले कुछ समय से दबाव में चल रहे आईटी शेयरों में शुक्रवार को चौतरफा खरीदारी देखने को मिली। आईटी सूचकांक तीन प्रतिशत से अधिक की छलांग लगाकर बाजार का सबसे बड़ा गेनर साबित हुआ। दिग्गजों के साथ-साथ आईटी क्षेत्र की मझोली और छोटी कंपनियों के शेयरों में भी निवेशकों का भरोसा लौटा। आईटी शेयरों में आई इस अचानक तेजी ने पूरे बाजार का मूड बदलने में मुख्य भूमिका निभाई।
आईटी क्षेत्र की अगुवाई में बाजार में चौतरफा हरियाली का माहौल नजर आया। बैंकिंग, एफएमसीजी, ऑटो, मेटल, रियल्टी, सर्विसेज और हेल्थकेयर जैसे लगभग सभी प्रमुख सेक्टोरल इंडेक्स हरे निशान में बंद हुए। सरकारी बैंकों के पीएसयू बैंक इंडेक्स और वित्तीय सेवाओं से जुड़े शेयरों में भी अच्छा खासा उछाल दर्ज किया गया। केवल ऊर्जा क्षेत्र यानी ऑयल एंड गैस इंडेक्स ही एकमात्र ऐसा क्षेत्र रहा जो मामूली बिकवाली के दबाव के कारण लाल निशान में बंद हुआ। इसके अलावा बाजार के अन्य सभी सेक्टरों ने सूचकांक को मजबूती देने का काम किया।
केवल बड़े कैप वाली दिग्गज कंपनियों में ही नहीं, बल्कि मझोली और छोटी कंपनियों के शेयरों में भी जोरदार लिवाली देखने को मिली। मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स भी अच्छे अंकों की बढ़त दर्ज करने में सफल रहे। निफ्टी मिडकैप सौ इंडेक्स नौ सौ से अधिक अंकों की तेजी के साथ अठावन हजार सात सौ के पार पहुंच गया, जबकि स्मॉलकैप इंडेक्स भी हरे निशान में बंद हुआ। व्यापक बाजार में दिखी इस खरीदारी से यह स्पष्ट होता है कि निवेशकों का भरोसा केवल चुनिंदा बड़े शेयरों तक सीमित न रहकर पूरे बाजार में बना हुआ है।
सेंसेक्स की तीस प्रमुख कंपनियों में से लगभग सभी शेयर बढ़त के साथ बंद होने में कामयाब रहे। खरीदारी की इस दौड़ में आईटीसी, टीसीएस, अदाणी पोर्ट्स, इन्फोसिस, एचसीएल टेक, एलएंडटी और एचडीएफसी बैंक जैसे दिग्गजों ने अग्रणी भूमिका निभाई। इनके अलावा सीमेंट, ऑटो और रिटेल सेक्टर के प्रमुख शेयर जैसे अल्ट्राटेक सीमेंट, मारुति सुजुकी, ट्रेंट और टाइटन भी बड़े गेनर्स की सूची में शामिल रहे। दूसरी ओर, भारी भरकम रिलायंस इंडस्ट्रीज ही सेंसेक्स पैक में एकमात्र ऐसा शेयर रहा जिसमें गिरावट दर्ज की गई और वह नुकसान के साथ बंद हुआ।
भले ही शुक्रवार को बाजार में जोरदार रिकवरी दर्ज की गई हो, लेकिन विदेशी संस्थागत निवेशकों की ओर से जारी लगातार बिकवाली और वैश्विक बॉन्ड यील्ड का ऊंचा स्तर अब भी चिंता का विषय बना हुआ है। विदेशी निवेशक भारतीय बाजार से लगातार अपनी पूंजी निकाल रहे हैं, जिससे लंबी अवधि की मजबूती पर दबाव बना रहता है। केंद्रीय बैंक के हालिया आर्थिक रुख के बाद अब सभी बाजार सहभागियों की नजरें आने वाले घरेलू महंगाई दर यानी सीपीआई के आंकड़ों पर टिकी हैं, जो ब्याज दरों की भावी दिशा तय करने में महत्त्वपूर्ण साबित होंगे।
आने वाले दिनों में भारतीय शेयर बाजार की चाल मुख्य रूप से चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही के कॉरपोरेट नतीजों पर निर्भर करेगी। कंपनियों के वित्तीय परिणाम यह तय करेंगे कि यह मौजूदा रिकवरी कितनी टिकाऊ है। यदि प्रमुख कंपनियों के नतीजे उम्मीद के मुताबिक रहते हैं, तो बाजार अपनी तेजी को आगे भी बरकरार रख सकता है। निवेशकों की नजर अब वैश्विक संकेतों के साथ-साथ आगामी त्रैमासिक परिणामों पर बनी रहेगी।
