खड़गे की टिप्पणी पर बीजेपी का पलटवार, ‘मोदी कहीं नहीं जाएगा’ गाने से गरमाई सियासत

देश की राजनीति में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की विवादित टिप्पणी के बाद सियासी माहौल गरमा गया है। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने इस मुद्दे पर कांग्रेस को घेरने के लिए अपना सोशल मीडिया अभियान तेज कर दिया है। पार्टी ने ‘मोदी कहीं नहीं जाएगा’ नाम से एक नया गाना जारी किया है, जिसके जरिए प्रधानमंत्री के प्रति जनता के समर्थन का संदेश देने की कोशिश की गई है। इस विवाद के बीच बीजेपी और कांग्रेस दोनों सोशल मीडिया पर एक-दूसरे पर निशाना साध रही हैं। वीडियो, तस्वीरों और राजनीतिक संदेशों के जरिए दोनों दल अपनी-अपनी बात जनता तक पहुंचाने में जुटे हैं।
बीजेपी ने जारी किया नया गाना
मल्लिकार्जुन खड़गे की टिप्पणी के बाद बीजेपी ने सोशल मीडिया पर जवाबी अभियान शुरू किया। इसी कड़ी में पार्टी की ओर से एक गाना जारी किया गया, जिसमें बार-बार यह संदेश दिया गया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कहीं नहीं जाने वाले हैं। गाने में मोदी की अलग-अलग तस्वीरों का इस्तेमाल किया गया है और उनके नेतृत्व तथा जनता के समर्थन को प्रमुखता से दिखाया गया है।
इस गाने के बोल में विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा गया है कि प्रधानमंत्री को झुकाने की कोशिशों से कोई फायदा नहीं होगा। इसमें जनता के समर्थन, राजनीतिक दृढ़ता और देश के विकास से जुड़े संदेश भी शामिल हैं। बीजेपी ने इस गीत के माध्यम से खड़गे की टिप्पणी का जवाब देने के साथ-साथ अपने समर्थकों तक राजनीतिक संदेश पहुंचाने की कोशिश की है।
बीजेपी के कई बड़े नेताओं ने साझा किया वीडियो
बीजेपी के सोशल मीडिया अभियान को पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और केंद्रीय मंत्रियों का भी समर्थन मिला है। संबित पात्रा, पीयूष गोयल, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी समेत कई नेताओं ने इस गाने को सोशल मीडिया पर साझा किया।
एक्स और इंस्टाग्राम जैसे मंचों पर वीडियो साझा किए जाने के बाद यह मुद्दा राजनीतिक चर्चा का हिस्सा बन गया है। पार्टी के नेताओं की पोस्ट के जरिए इस विवाद को लगातार उठाया जा रहा है। बीजेपी का जोर इस बात पर है कि प्रधानमंत्री के खिलाफ इस्तेमाल की गई भाषा राजनीतिक मर्यादा के अनुरूप नहीं है।
पटना में कैसे शुरू हुआ पूरा विवाद?
यह विवाद 25 अक्टूबर को बिहार की राजधानी पटना में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान शुरू हुआ था। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे बिहार के पहले मुख्यमंत्री श्रीकृष्ण सिंह की 139वीं जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए थे। इसी दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर एक टिप्पणी हुई, जिसके जवाब में खड़गे ने ‘मोदी का बाप भी जाएगा’ कहा। इसके बाद उनके बयान को लेकर राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया।
बीजेपी ने इस टिप्पणी को प्रधानमंत्री के दिवंगत पिता के प्रति अपमानजनक बताते हुए कांग्रेस अध्यक्ष से माफी की मांग की। पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया कि राजनीतिक विरोध के दौरान भाषा की मर्यादा का ध्यान रखा जाना चाहिए। इस मुद्दे पर बीजेपी ने विरोध प्रदर्शन भी किए और कांग्रेस नेतृत्व को निशाने पर लिया।
कांग्रेस ने भी बीजेपी पर किया पलटवार
विवाद के बीच कांग्रेस ने भी सोशल मीडिया पर अपनी राजनीतिक मुहिम तेज की है। पार्टी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर राहुल गांधी के आरोपों से जुड़ा वीडियो साझा किया। राहुल गांधी ने चुनावी प्रक्रिया में कथित ‘वोट चोरी’ का मुद्दा उठाते हुए सरकार और संबंधित संस्थाओं पर सवाल खड़े किए।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी अपने एक बयान में पश्चिम बंगाल, हरियाणा, बिहार और महाराष्ट्र की सरकारों पर चुनावी अनियमितताओं के आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि पार्टी कथित अनियमितताओं के लिए जिम्मेदार लोगों को जवाबदेह ठहराने की मांग करेगी।
इस तरह दोनों दलों के बीच विवाद केवल एक बयान तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सोशल मीडिया पर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का व्यापक रूप ले चुका है। बीजेपी जहां खड़गे की भाषा को मुद्दा बना रही है, वहीं कांग्रेस चुनावी प्रक्रिया और कथित वोट चोरी के आरोपों को प्रमुखता से उठा रही है।
एक नवंबर की रैली से पहले बढ़ी राजनीतिक सरगर्मी
बीजेपी और कांग्रेस के बीच बढ़ती बयानबाजी ऐसे समय में सामने आई है, जब विपक्षी गठबंधन इंडिया की एक नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में ‘दिल्ली चलो’ रैली प्रस्तावित है। गठबंधन ने इस कार्यक्रम को कथित वोट चोरी के खिलाफ अपने बड़े विरोध प्रदर्शनों में शामिल किया है।
विपक्ष की ओर से मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों पर सवाल उठाए जा रहे हैं। ऐसे में दोनों पक्षों के बीच राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने की संभावना है। बीजेपी खड़गे की टिप्पणी को लेकर कांग्रेस पर हमलावर है, जबकि विपक्ष चुनावी निष्पक्षता से जुड़े मुद्दों को सामने रख रहा है।
सोशल मीडिया बना राजनीतिक मुकाबले का नया मैदान
मौजूदा विवाद यह भी दिखाता है कि राजनीतिक दल अब अपने संदेश को जनता तक पहुंचाने के लिए सोशल मीडिया का तेजी से इस्तेमाल कर रहे हैं। वीडियो सॉन्ग, छोटे क्लिप, ग्राफिक्स और एआई से तैयार सामग्री राजनीतिक अभियानों का हिस्सा बनते जा रहे हैं। इससे किसी बयान या घटना पर राजनीतिक प्रतिक्रिया कम समय में बड़े स्तर तक पहुंच सकती है।
हालांकि, सोशल मीडिया पर किसी मुद्दे की लोकप्रियता और उसके राजनीतिक प्रभाव के बीच अंतर होता है। किसी वीडियो को साझा किए जाने या चर्चा में आने से अपने आप यह साबित नहीं होता कि उससे मतदाताओं की राय में बदलाव आया है। राजनीतिक दलों के लिए ऐसे अभियानों का वास्तविक असर आने वाले समय में ही स्पष्ट हो सकता है।
आगे क्या होगा?
मल्लिकार्जुन खड़गे की टिप्पणी के बाद शुरू हुआ विवाद फिलहाल थमता नजर नहीं आ रहा है। बीजेपी ने नए गाने के जरिए अपना संदेश तेज किया है, जबकि कांग्रेस चुनावी प्रक्रिया से जुड़े आरोपों को उठाकर सरकार को घेर रही है। एक नवंबर की प्रस्तावित रैली से पहले यह राजनीतिक टकराव और चर्चा में रह सकता है।
अब नजर इस बात पर रहेगी कि दोनों दल आने वाले दिनों में इस विवाद को किस तरह आगे बढ़ाते हैं और क्या बयानबाजी के बीच किसी पक्ष की ओर से सफाई या नया राजनीतिक कदम सामने आता है। फिलहाल, खड़गे की टिप्पणी और बीजेपी के ‘मोदी कहीं नहीं जाएगा’ गाने ने देश की राजनीति में एक नया विवाद खड़ा कर दिया है।
