विश्व एथलेटिक्स रजत स्तरीय प्रतियोगिता में भारतीय एथलीटों का दबदबा, रोहित यादव और मुरली श्रीशंकर ने जीता गोल्ड

भुवनेश्वर के प्रतिष्ठित कलिंगा स्टेडियम में आयोजित विश्व एथलेटिक्स रजत स्तरीय प्रतियोगिता 2026 में भारतीय एथलीटों ने अपने शानदार प्रदर्शन से घरेलू दर्शकों को झूमने का मौका दिया। प्रतियोगिता के मुख्य आकर्षण भाला फेंक और लंबी कूद स्पर्धाएं रहीं, जिनमें भारत के स्टार एथलीटों ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाते हुए शीर्ष स्थान हासिल किया। भाला फेंक स्पर्धा में भारतीय एथलीट रोहित यादव ने अंतिम क्षणों में पासा पलटते हुए स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया। उन्होंने अपने छठे और आखिरी प्रयास में 87.68 मीटर की दूरी तय करते हुए अपना व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन दर्ज किया और खिताब अपने नाम कर लिया।
दूसरी ओर, पुरुषों की लंबी कूद स्पर्धा में देश के शीर्ष एथलीट मुरली श्रीशंकर ने अपनी लय बरकरार रखते हुए पहला स्थान हासिल किया। श्रीशंकर ने 8.07 मीटर की बेहतरीन छलांग लगाकर विरोधी एथलीटों पर बढ़त बनाई और प्रतियोगिता का स्वर्ण पदक अपने नाम किया। महिलाओं की लंबी कूद स्पर्धा में भी भारत का दबदबा पूरी तरह कायम रहा। राष्ट्रीय रिकॉर्ड धारक एन्सी सोजान ने 6.71 मीटर की दूरी मापते हुए पहला स्थान प्राप्त किया, जबकि शैली सिंह 6.56 मीटर की छलांग के साथ दूसरे और मुबस्सिना मोहम्मद 6.31 मीटर के साथ तीसरे स्थान पर रहीं।
दौड़ स्पर्धाओं में देश की युवा सनसनी अबिनया राजाराजन ने अपनी गति से सभी को प्रभावित किया। उन्होंने महिलाओं की 100 मीटर दौड़ को महज 11.34 सेकंड में पूरा कर पहला स्थान हासिल किया और इसके साथ ही नया भारतीय अंडर 20 राष्ट्रीय रिकॉर्ड भी अपने नाम दर्ज कर लिया। अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों की बात करें तो नाइजीरिया के मौजूदा राष्ट्रमंडल खेलों के चैंपियन चुकवुएबुका एनेक्वेची ने 20.78 मीटर के थ्रो के साथ पुरुषों के शॉट पुट का खिताब जीता। इस स्पर्धा में इटली के ज़ेन वियर दूसरे स्थान पर रहे, जबकि भारत के करणवीर सिंह ने 20.06 मीटर का थ्रो कर तीसरा स्थान प्राप्त किया।
महिलाओं के डिस्कस थ्रो में भारत की सीमा कालीरमन 57.44 मीटर के प्रयास के साथ चौथे स्थान पर रहीं। वहीं, महिलाओं की 100 मीटर बाधा दौड़ में भारत की स्टार एथलीट ज्योति याराजी ने 13.24 सेकंड का समय निकालते हुए तीसरा स्थान हासिल किया और कांस्य पदक अपने नाम किया। कुल मिलाकर, कलिंगा स्टेडियम में भारतीय एथलीटों का यह प्रदर्शन आगामी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के दृष्टिकोण से बेहद उत्साहजनक और ऐतिहासिक रहा।
