नीतीश सरकार का बड़ा दांव अल्पसंख्यक छात्रों को मुफ्त पढ़ाई और आवास की सौगात

बिहार की राजनीति में जारी बहसों और हालिया विवादों के बीच मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सरकार ने एक ऐसा फैसला लिया है जो सीधे तौर पर अल्पसंख्यक समुदाय के बच्चों के भविष्य से जुड़ा है। राज्य सरकार ने अल्पसंख्यक आवासीय विद्यालयों में पढ़ाई और रहने की सुविधा पूरी तरह मुफ्त करने का ऐलान किया है जिससे मुस्लिम, सिख, ईसाई, बौद्ध, जैन और पारसी समुदाय के छात्र छात्राओं को बिना किसी आर्थिक बोझ के गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके।
सरकार के इस फैसले के तहत किशनगंज और दरभंगा में नए अल्पसंख्यक आवासीय विद्यालय शुरू किए जा रहे हैं जहां पढ़ाई के साथ साथ भोजन और हॉस्टल की सुविधा भी पूरी तरह निशुल्क होगी। इन स्कूलों में नामांकन प्रक्रिया दिसंबर महीने से शुरू कर दी गई है और योग्य व इच्छुक छात्र आवेदन कर सकते हैं। योजना में ग्रामीण इलाकों के बच्चों को प्राथमिकता दी गई है और बड़ी संख्या में सीटें उनके लिए आरक्षित रखी गई हैं साथ ही बालिकाओं के लिए भी खास आरक्षण सुनिश्चित किया गया है ताकि ज्यादा से ज्यादा लड़कियां शिक्षा की मुख्यधारा से जुड़ सकें।
नीतीश सरकार का कहना है कि इस पहल का मकसद अल्पसंख्यक समुदाय के बच्चों को सुरक्षित माहौल में बेहतर शिक्षा देना है ताकि वे आगे चलकर राज्य और देश के विकास में बराबरी से योगदान दे सकें। राजनीतिक गलियारों में इसे सरकार की छवि मजबूत करने और सामाजिक संतुलन साधने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है क्योंकि शिक्षा के जरिए ही किसी भी समाज की असली तरक्की संभव होती है।
