बिहार पुलिस की निगरानी होगी हाईटेक, आधुनिक ड्रोन से मजबूत होगी सुरक्षा व्यवस्था

बिहार में कानून व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए पुलिस की निगरानी व्यवस्था अब आधुनिक तकनीक से लैस होने जा रही है। राज्य के सभी पुलिस जिलों को एक-एक उच्च क्षमता वाला ड्रोन दिया जाएगा, जबकि विशेष कार्यबल एसटीएफ को खास तौर पर हाई क्वालिटी के 10 ड्रोन उपलब्ध कराए जाएंगे। इस तरह कुल करीब 50 ड्रोन की खरीद इस वर्ष मार्च तक पूरी करने की योजना है।
ड्रोन खरीद के इस प्रस्ताव को 14 जनवरी को केंद्रीय गृह मंत्रालय में हुई हाई पावर कमेटी की बैठक में मंजूरी मिल गई है। इन ड्रोन की खरीद पर लगभग 25 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। इसकी जानकारी एडीजी (आधुनिकीकरण) सुधांशु कुमार ने शुक्रवार 16 जनवरी 2026 को पुलिस मुख्यालय सरदार पटेल भवन स्थित सभागार में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान दी।
एडीजी सुधांशु कुमार ने बताया कि जिलों को दिए जाने वाले ड्रोन करीब 45 मिनट तक हवा में उड़ान भरने में सक्षम होंगे। ये ड्रोन भीड़ नियंत्रण में अहम भूमिका निभाएंगे और पुलिसिंग के अन्य कार्यों में भी बेहद उपयोगी साबित होंगे। इन ड्रोन में एएनपीआर यानी ऑटो नंबर प्लेट रिकॉग्निशन सिस्टम की सुविधा होगी, जिससे सड़कों पर चल रहे वाहनों की नंबर प्लेट की पहचान कर त्वरित कार्रवाई की जा सकेगी।
एसटीएफ को मिलने वाले ड्रोन अत्याधुनिक और हाई क्वालिटी के होंगे, जिनकी मदद से दियारा क्षेत्र समेत अन्य दुर्गम इलाकों में प्रभावी निगरानी संभव हो सकेगी। इन ड्रोन की खरीद केंद्र सरकार की एएसयूएमपी योजना के तहत की जाएगी, जिसमें राज्य सरकार भी अपने हिस्से की राशि देगी।
एडीजी ने यह भी बताया कि राज्य के सभी थानों में लगे सीसीटीवी कैमरों के जरिए केंद्रीकृत सर्विलांस की योजना पर काम किया जा रहा है। थानों में सीसीटीवी कैमरे लगाने और डैशबोर्ड स्थापित करने के लिए एएसयूएमपी योजना के अंतर्गत 112 करोड़ 46 लाख रुपये आवंटित किए गए हैं।
इसके अलावा स्मार्ट और सुरक्षात्मक पुलिसिंग को बढ़ावा देने के लिए उपकरणों की खरीद, थाना भवनों और पुलिसकर्मियों के आवास सहित अन्य आधारभूत संरचनाओं के विकास के लिए अलग-अलग मदों में कुल 384 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। इस राशि से विभिन्न जिलों में 11 नए थाना भवन, पटना के लोदीपुर में एसटीएफ का मुख्यालय भवन, बैरक और अनुमंडल स्तरीय कार्यालयों समेत कई अन्य बुनियादी ढांचों का निर्माण और विकास किया जा रहा है।
