बीएसई का मुनाफा 174 फीसदी उछला, तीसरी तिमाही में 602 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड शुद्ध लाभ

bsc
Share this post

भारत के सबसे पुराने शेयर बाजार बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज यानी बीएसई ने वित्त वर्ष 2025-26 की तीसरी तिमाही में शानदार प्रदर्शन करते हुए अपने समेकित शुद्ध लाभ में जबरदस्त उछाल दर्ज किया है। अक्टूबर से दिसंबर तिमाही के दौरान बीएसई का शुद्ध मुनाफा 174 फीसदी बढ़कर 602 करोड़ रुपये पहुंच गया, जबकि पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में यह 220 करोड़ रुपये था। इस अवधि में स्टॉक एक्सचेंज का नेट प्रॉफिट मार्जिन भी 26 फीसदी से बढ़कर 45 फीसदी हो गया, जो इसके मजबूत वित्तीय स्वास्थ्य को दर्शाता है।

बीएसई ने इस तिमाही में अब तक का सर्वाधिक राजस्व भी दर्ज किया है। तीसरी तिमाही में एक्सचेंज की कुल आय 1,334 करोड़ रुपये रही, जो सालाना आधार पर 61 फीसदी की बढ़ोतरी है। बीएसई के बयान के अनुसार, समेकित ऑपरेटिंग ईबीआईटीडीए, जिसमें कोर एसजीएफ भी शामिल है, साल-दर-साल तीन गुना बढ़कर 732 करोड़ रुपये हो गया, जबकि मार्जिन 31 फीसदी से उछलकर 59 फीसदी पर पहुंच गया।

वित्त वर्ष 2025-26 की तीसरी तिमाही के दौरान बीएसई ने मेनबोर्ड और एसएमई प्लेटफॉर्म पर कुल 99 नई इक्विटी लिस्टिंग का स्वागत किया। इन लिस्टिंग के जरिए कंपनियों ने 97,657 करोड़ रुपये जुटाए। इसी तिमाही में बीएसई ने इक्विटी डेरिवेटिव्स ट्रेडिंग में भी नया रिकॉर्ड बनाया और 772 करोड़ कॉन्ट्रैक्ट्स का कारोबार किया, जिससे 784 करोड़ रुपये का मजबूत राजस्व प्राप्त हुआ।

नतीजों पर प्रतिक्रिया देते हुए बीएसई के एमडी और सीईओ सुंदररामन राममूर्ति ने कहा कि तीसरी तिमाही का मजबूत प्रदर्शन बीएसई के प्लेटफॉर्म की मजबूती और बाजार के भरोसे को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि रिकॉर्ड एसएमई लिस्टिंग, इंडेक्स डेरिवेटिव्स में बढ़ती गतिविधि और स्टार एमएफ की निरंतर सफलता के साथ बीएसई अपने सभी व्यवसायों में नवाचार को तेज कर रहा है। आने वाले वर्ष में भी बीएसई नवाचार, तकनीकी उत्कृष्टता और बाजार विकास के लिए प्रतिबद्ध रहेगा, क्योंकि भारत के पूंजी बाजार लगातार आगे बढ़ रहे हैं।

पूरे वित्त वर्ष 2025-26 में बीएसई ने भारतीय पूंजी बाजार में अपनी नेतृत्वकारी भूमिका को और मजबूत किया है। इसके फंडरेजिंग प्लेटफॉर्म के जरिए कंपनियों ने इक्विटी, डेट, बॉन्ड, कमर्शियल पेपर और म्यूचुअल फंड के माध्यम से कुल 22.4 लाख करोड़ रुपये जुटाए। तीसरी तिमाही बीएसई के इतिहास की सबसे मजबूत तिमाहियों में से एक रही, जिसमें 39 कंपनियों ने रिकॉर्ड 95,272 करोड़ रुपये जुटाए। यह बीएसई के पूंजी जुटाने वाले इकोसिस्टम की गहराई, मजबूती और बढ़ती लोकप्रियता को दर्शाता है।

बीएसई के एसएमई प्लेटफॉर्म ने भी एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। 1 फरवरी 2026 को यहां 700वीं एसएमई लिस्टिंग पूरी हुई। खास बात यह रही कि अंतिम 100 लिस्टिंग महज 179 दिनों में पूरी हुईं, जो अब तक की सबसे तेज गति है। अब तक बीएसई के एसएमई प्लेटफॉर्म पर सूचीबद्ध कंपनियों ने कुल 14,735 करोड़ रुपये जुटाए हैं और इनका संयुक्त बाजार पूंजीकरण 1.8 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है।

ट्रेडिंग सेगमेंट में भी बीएसई की रफ्तार बनी रही। तीसरी तिमाही में कैश मार्केट का वॉल्यूम 7,645 करोड़ रुपये रहा, जबकि इंडेक्स डेरिवेटिव्स में औसत दैनिक प्रीमियम टर्नओवर रिकॉर्ड 19,459 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। यह वृद्धि मुख्य रूप से सेंसेक्स इंडेक्स में बढ़ती गतिविधियों के कारण देखी गई। बीएसई का यह प्रदर्शन भारतीय शेयर बाजार की मजबूती और निवेशकों के बढ़ते भरोसे को साफ तौर पर दर्शाता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *