अंबाला के एमएसएमई को नई रफ्तार, पुराने औद्योगिक क्लस्टर्स को मिलेगा संजीवनी
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वर्ष 2026–27 का आम बजट पेश करते हुए 1947 के विजन को आधार बनाया है, जिसमें समाज के हर वर्ग को ध्यान में रखने की कोशिश की गई है। देश को वर्ष 2047 तक विश्व की महाशक्ति बनाने के लक्ष्य के साथ पेश किए गए इस बजट का सीधा और सकारात्मक असर हरियाणा के अंबाला जिले के सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों पर देखने को मिल रहा है। बजट के बाद अंबाला के एमएसएमई सेक्टर में उत्साह और उम्मीद का माहौल बन गया है।
सरकार ने एमएसएमई को चैम्पियन्स के रूप में विकसित करने के उद्देश्य से 10 हजार करोड़ रुपये की समर्पित एसएमई विकास निधि की घोषणा की है। इसके साथ ही आत्मनिर्भर भारत निधि में 2 हजार करोड़ रुपये के अतिरिक्त टॉप-अप का प्रावधान किया गया है। उद्योग जगत का मानना है कि इससे छोटे और मझोले कारोबारों को पूंजी, तकनीक और विस्तार के नए अवसर मिलेंगे।
अंबाला के विज्ञान और ग्लासवेयर उद्योग के लिए इस बजट में सबसे बड़ी राहत 200 पुराने उद्योग समूहों को पुनर्जीवित करने की योजना के रूप में सामने आई है। इस स्कीम के तहत दशकों पुराने औद्योगिक क्लस्टर्स को आधुनिक तकनीक, बेहतर बुनियादी ढांचे और नई उत्पादन क्षमता से जोड़ने का मौका मिलेगा। इससे न केवल स्थानीय उद्योगों की प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे और अंबाला की औद्योगिक पहचान को नई मजबूती मिलेगी।
