कैबिनेट की बड़ी मंजूरी: ‘CoalSETU’ नीति लागू, जनगणना 2027 के लिए 11,718 करोड़ का बजट स्वीकृत, कोप्रा MSP में बढ़ोतरी

केंद्र सरकार ने कोयले के कुशल, पारदर्शी और निर्बाध उपयोग को सुनिश्चित करने के लिए ‘CoalSETU’ नीति को मंजूरी दे दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति (CCEA) की बैठक में इस अहम नीति को स्वीकृति मिली।
सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने नई दिल्ली में मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि ‘CoalSETU’ (Policy for Auction of Coal Linkage for Seamless, Efficient & Transparent Utilisation) के तहत गैर-नियंत्रित क्षेत्र (NRS) कोयला लिंकज नीलामी नीति 2016 में एक नया अलग विंडो जोड़ा गया है। इसके माध्यम से किसी भी औद्योगिक उपयोग और निर्यात के लिए दीर्घकालिक आधार पर कोयला लिंकज की नीलामी की जा सकेगी।
उन्होंने कहा कि अब कोई भी घरेलू खरीदार, अंतिम उपयोग की परवाह किए बिना, कोयला लिंकज नीलामी में भाग ले सकता है। इस विंडो के तहत प्राप्त कोयला लिंकज का उपयोग स्वयं की खपत, कोयला निर्यात या अन्य उद्देश्यों (जैसे कोयला धुलाई) के लिए किया जा सकेगा, हालांकि देश के भीतर पुनः बिक्री की अनुमति नहीं होगी। कोयला लिंकज धारक अपनी कुल मात्रा का 50 प्रतिशत तक निर्यात कर सकेंगे और समूह की कंपनियों के बीच ईंधन का लचीला उपयोग कर सकेंगे।
इसके अलावा, कैबिनेट ने जनगणना 2027 के लिए 11,718 करोड़ रुपये के बजट को भी मंजूरी दी है। अश्विनी वैष्णव ने बताया कि जनगणना 2027 दो चरणों में आयोजित की जाएगी और यह देश की पहली पूरी तरह डिजिटल जनगणना होगी। यह स्वतंत्रता के बाद की आठवीं और कुल 16वीं जनगणना होगी।
जनगणना 2027 में जाति गणना को भी शामिल किया जाएगा। आंकड़े मोबाइल एप्लिकेशन के जरिए एकत्र किए जाएंगे, जो एंड्रॉयड और iOS दोनों प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होंगे। इस विशाल प्रक्रिया में लगभग 30 लाख फील्ड कर्मचारी शामिल होंगे, जो देश के हर घर जाकर हाउस लिस्टिंग, हाउसिंग जनगणना और जनसंख्या गणना से संबंधित प्रश्नावली भरेंगे।
कैबिनेट ने 2026 सीजन के लिए कोप्रा (नारियल) के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) को भी मंजूरी दे दी है। मिलिंग कोप्रा का MSP 445 रुपये बढ़ाकर 12,027 रुपये प्रति क्विंटल और बॉल कोप्रा का MSP 400 रुपये बढ़ाकर 12,500 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया है।
मंत्री ने कहा कि बढ़ा हुआ MSP नारियल उत्पादकों को बेहतर लाभकारी मूल्य सुनिश्चित करेगा और घरेलू व अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए किसानों को कोप्रा उत्पादन बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित करेगा।
