चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल सरकार की छूट की मांग ठुकराई, 25 आईएएस-आईपीएस अधिकारियों को दिल्ली बुलाया
भारतीय निर्वाचन आयोग ने पश्चिम बंगाल सरकार की उस मांग को खारिज कर दिया है, जिसमें 25 आईएएस और आईपीएस अधिकारियों को पर्यवेक्षक ड्यूटी से छूट देने का अनुरोध किया गया था। आयोग ने इन अधिकारियों को आज और कल नई दिल्ली में ब्रीफिंग के लिए बुलाया है, जहां उन्हें आगामी विधानसभा चुनावों के दौरान पश्चिम बंगाल, असम, केरल, तमिलनाडु और पुडुचेरी में पर्यवेक्षक के रूप में तैनात किए जाने से पहले आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जाएंगे।
गौरतलब है कि इससे पहले निर्वाचन आयोग ने राज्य सरकार से कई बार वरिष्ठ आईएएस और आईपीएस अधिकारियों की सूची भेजने का अनुरोध किया था, ताकि उन्हें चुनाव पर्यवेक्षक के तौर पर नियुक्त किया जा सके। हालांकि राज्य सरकार ने इन अनुरोधों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। इसके बाद आयोग ने अपने स्तर पर फैसला लेते हुए वरिष्ठ अधिकारियों की सूची तैयार की और उन्हें ब्रीफिंग के लिए बुलाने का निर्णय लिया।
इस सूची में पश्चिम बंगाल के गृह सचिव जगदीश प्रसाद मीणा समेत कई वरिष्ठ आईएएस और आईपीएस अधिकारी शामिल हैं। निर्वाचन आयोग का मानना है कि निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव सुनिश्चित करने के लिए अनुभवी प्रशासनिक अधिकारियों की भूमिका बेहद अहम होती है।
आयोग के इस कदम को आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पांच राज्यों में होने वाले चुनावों को देखते हुए आयोग ने साफ संकेत दिया है कि चुनावी प्रक्रिया में किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी राज्यों को संवैधानिक जिम्मेदारियों का पालन करना होगा।
