यूरोप के लिए भारत बना अनिवार्य साझेदार, भारत-ईयू मुक्त व्यापार समझौते पर यूनान का मजबूत समर्थन
यूनान के रक्षा मंत्री निकोस डेंडियास ने भारत को यूरोप के लिए एक महत्वपूर्ण और अनिवार्य साझेदार बताया है। नई दिल्ली में आयोजित भारत-यूरोपीय संघ मंच 2026 के दौरान उन्होंने कहा कि बीते कुछ वर्षों में यूरोप में भारत को लेकर सोच में बड़ा बदलाव आया है। उनके अनुसार अब भारत को केवल एक उभरती अर्थव्यवस्था के तौर पर नहीं, बल्कि रणनीतिक, आर्थिक और भू-राजनीतिक दृष्टि से एक भरोसेमंद सहयोगी के रूप में देखा जा रहा है।
रक्षा मंत्री डेंडियास ने विशेष रूप से यूरोपीय संघ और यूनान के लिए भारत के बढ़ते महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि बदलते वैश्विक हालात में भारत की भूमिका लगातार मजबूत हुई है और यूरोप के लिए उसके साथ सहयोग बढ़ाना समय की मांग बन गया है। उनका मानना है कि भारत अब यूरोप की रणनीतिक योजनाओं का अहम हिस्सा है।
आर्थिक सहयोग पर बात करते हुए यूनान के रक्षा मंत्री ने यूरोपीय संघ और भारत के बीच प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते के लिए अपना मजबूत समर्थन व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह समझौता दोनों पक्षों के लिए फायदेमंद साबित होगा और व्यापार, निवेश तथा रोजगार के नए अवसर पैदा करेगा। उनके मुताबिक भारत और यूरोपीय संघ की अर्थव्यवस्थाएं एक-दूसरे की पूरक हैं और मुक्त व्यापार से इस सहयोग को नई गति मिलेगी।
भारत और यूरोपीय संघ के बीच व्यापार, सुरक्षा, प्रौद्योगिकी और भू-राजनीतिक क्षेत्रों में सहयोग को और मजबूत करने पर दो दिनों तक चली व्यापक चर्चा नई दिल्ली में संपन्न हुई। इस मंच के दौरान दोनों पक्षों ने आपसी साझेदारी को नई ऊंचाइयों पर ले जाने की प्रतिबद्धता दोहराई। विशेषज्ञों का मानना है कि भारत-यूरोप संबंधों में यह बढ़ता सहयोग आने वाले वर्षों में वैश्विक संतुलन को भी प्रभावित करेगा।
