समुद्री क्षेत्र को मजबूती देने की दिशा में बड़ा कदम, भारत कंटेनर शिपिंग लाइन गठन और बंदरगाह परियोजनाओं के लिए दो अहम समझौते

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भारत के समुद्री बुनियादी ढांचे को सशक्त बनाने की दिशा में बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्रालय ने नई दिल्ली में दो महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए। ये समझौते भारत कंटेनर शिपिंग लाइन के गठन और बंदरगाह विकास परियोजनाओं के वित्तपोषण से जुड़े हैं। इस मौके पर केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और केंद्रीय बंदरगाह, जहाजरानी एवं जलमार्ग मंत्री सरबानंदा सोनोवाल मौजूद रहे। इन समझौतों का मुख्य उद्देश्य देश की समुद्री क्षमताओं को मजबूत करना और विदेशी जहाजरानी कंपनियों पर निर्भरता को कम करना है।

कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि हाल ही में पेश केंद्रीय बजट में शिपिंग कंटेनरों के निर्माण के लिए 10 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इस पहल से देश की घरेलू लॉजिस्टिक्स प्रणाली को मजबूती मिलेगी और कंटेनर संचालन का दायरा देशभर में तेजी से बढ़ेगा। उन्होंने यह भी बताया कि केंद्रीय मंत्रिमंडल ने जहाज निर्माण क्षेत्र को प्रोत्साहन देने के लिए 65 हजार करोड़ रुपये के बड़े निवेश को मंजूरी दी है, जिससे देश में जहाज निर्माण उद्योग को नई गति मिलेगी।

वहीं केंद्रीय मंत्री सरबानंदा सोनोवाल ने कहा कि इन समझौतों से समुद्री क्षेत्र में घरेलू क्षमता का विस्तार होगा और भारत जहाजरानी क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ेगा। उन्होंने यह भी कहा कि इससे देश के बंदरगाहों का विकास और समुद्री व्यापार को बढ़ावा मिलेगा, जिससे आर्थिक गतिविधियों को नया बल मिलेगा।

इस अवसर पर सरबानंदा सोनोवाल ने मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले विभिन्न संगठनों को स्वच्छ भारत पखवाड़ा पुरस्कार 2025 और हिंदी पखवाड़ा पुरस्कार 2025 भी प्रदान किए।

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