भारत–सेशेल्स रिश्तों को नई ऊंचाई, पीएम मोदी और राष्ट्रपति हर्मिनी की द्विपक्षीय वार्ता में आर्थिक व विकास साझेदारी पर जोर
भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सेशेल्स के राष्ट्रपति डॉ. पैट्रिक हर्मिनी के बीच सोमवार को हुई द्विपक्षीय मुलाकात में दोनों देशों के रिश्तों को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई गई। बातचीत के दौरान भारत–सेशेल्स संबंधों, आर्थिक सहयोग और विकास साझेदारी को नई ऊंचाइयों तक ले जाने पर विस्तार से चर्चा हुई। इस मौके पर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और सेशेल्स के संबंध केवल कूटनीतिक नहीं हैं, बल्कि हिंद महासागर की लहरें सदियों से दोनों देशों के लोगों को आपस में जोड़ती रही हैं।
बैठक के बाद जारी संयुक्त बयान में प्रधानमंत्री मोदी ने रिश्तों की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति हर्मिनी और उनके प्रतिनिधिमंडल का भारत में स्वागत करते हुए उन्हें अत्यंत प्रसन्नता हो रही है। सेशेल्स के राष्ट्रपति के रूप में उनके चुने जाने पर प्रधानमंत्री ने भारत के 1.4 अरब लोगों की ओर से उन्हें शुभकामनाएं दीं। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि राष्ट्रपति हर्मिनी की यह पहली भारत यात्रा है और यह ऐसे खास समय पर हो रही है, जब सेशेल्स अपना 50वां स्वतंत्रता दिवस और भारत–सेशेल्स के राजनयिक संबंधों की 50वीं वर्षगांठ मना रहा है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि ये ऐतिहासिक अवसर दोनों देशों को भविष्य में और करीब आने तथा सहयोग को नई दिशा देने के लिए प्रेरित करेंगे। उन्होंने दोहराया कि भारत और सेशेल्स के रिश्ते केवल सरकारी स्तर तक सीमित नहीं हैं। हिंद महासागर के किनारों पर सदियों से व्यापार फला-फूला, संस्कृतियों का आदान-प्रदान हुआ और आपसी विश्वास की मजबूत परंपरा विकसित हुई, जिसने आज के संबंधों को एक ठोस आधार दिया है।
आर्थिक सहयोग के मुद्दे पर प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि दोनों देश नए अवसरों की तलाश जारी रखने पर सहमत हुए हैं। लोकल करेंसी में व्यापार को बढ़ावा देने, फिनटेक और डिजिटल समाधानों में सहयोग बढ़ाने तथा आधुनिक तकनीकों के माध्यम से आर्थिक संबंधों को मजबूत करने पर सहमति बनी है। उन्होंने कहा कि विकास साझेदारी भारत–सेशेल्स संबंधों की आधारशिला रही है और भारत की सभी पहलें सेशेल्स की प्राथमिकताओं और जरूरतों को ध्यान में रखकर आगे बढ़ाई जाती हैं।
इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने सेशेल्स के लिए 175 मिलियन डॉलर के विशेष इकोनॉमिक पैकेज की घोषणा की। यह पैकेज सामाजिक आवास, ई-मोबिलिटी, व्यवसायिक प्रशिक्षण, स्वास्थ्य, रक्षा और समुद्री सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में ठोस परियोजनाओं को समर्थन देगा। उन्होंने कहा कि यह सहयोग सेशेल्स की विकास यात्रा में एक नई ऊर्जा जोड़ने का काम करेगा।
प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि इन पहलों से सेशेल्स के लोगों, खासकर युवाओं, के लिए रोजगार और कौशल विकास के नए अवसर पैदा होंगे। उन्होंने जानकारी दी कि सेशेल्स के सिविल सर्वेंट्स को भारत में प्रशिक्षण देने के लिए एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए जा रहे हैं। डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन के क्षेत्र में भारत अपने अनुभव साझा करेगा, जबकि स्वास्थ्य क्षेत्र में भारत एक भरोसेमंद साझेदार के रूप में सेशेल्स के साथ सहयोग जारी रखेगा।
कुल मिलाकर यह मुलाकात भारत और सेशेल्स के बीच मजबूत होते रणनीतिक, आर्थिक और मानवीय संबंधों को दर्शाती है, जो आने वाले वर्षों में हिंद महासागर क्षेत्र में स्थिरता, विकास और साझा समृद्धि को नई दिशा देने में अहम भूमिका निभाएगी।
