रेलवे के सुधारों से थोक सीमेंट ढुलाई को मिली रफ्तार, कंपनियों की बढ़ी रुचि

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रेलवे द्वारा थोक सीमेंट ढुलाई की क्षमता बढ़ाने के लिए किए गए नीतिगत और परिचालन सुधार अब जमीन पर सकारात्मक असर दिखाने लगे हैं। रेल मंत्रालय के अनुसार, इन सुधारों के बाद कई प्रमुख सीमेंट कंपनियों ने टैंक कंटेनरों के जरिए थोक सीमेंट की ढुलाई के लिए कंटेनर कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया से संपर्क किया है। इससे न केवल रेलवे के माल परिवहन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि सीमेंट उद्योग के लिए भी लॉजिस्टिक्स अधिक किफायती और सुगम होने की उम्मीद है।

रेल मंत्रालय लंबे समय से माल ढुलाई को बढ़ाने और सड़कों पर निर्भरता कम करने की दिशा में काम कर रहा है। इसी क्रम में थोक सीमेंट परिवहन को लेकर विशेष सुधार किए गए हैं। मंत्रालय का मानना है कि सीमेंट जैसे भारी और बड़े पैमाने पर इस्तेमाल होने वाले उत्पादों की ढुलाई अगर रेलवे के माध्यम से होती है तो इससे परिवहन लागत में कमी के साथ-साथ पर्यावरणीय लाभ भी मिलते हैं। सड़क परिवहन की तुलना में रेल परिवहन अधिक सुरक्षित, कम ईंधन खपत वाला और प्रदूषण कम करने वाला माध्यम माना जाता है।

हाल ही में रेलवे ने थोक सीमेंट ढुलाई से जुड़े शुल्क में भी कटौती की है, जिसे उद्योग के लिए एक अहम प्रोत्साहन के रूप में देखा जा रहा है। रेलवे ने प्रति टन प्रति किलोमीटर माल ढुलाई शुल्क को 90 पैसे से घटाकर 85 पैसे कर दिया है। यह कमी भले ही देखने में छोटी लगे, लेकिन बड़े पैमाने पर ढुलाई करने वाली सीमेंट कंपनियों के लिए यह लागत में उल्लेखनीय बचत का जरिया बन सकती है। इससे थोक सीमेंट परिवहन को आर्थिक रूप से अधिक आकर्षक बनाया गया है।

रेल मंत्रालय के अधिकारियों के अनुसार, शुल्क में कमी और प्रक्रिया को सरल बनाए जाने के बाद सीमेंट कंपनियों की रुचि तेजी से बढ़ी है। टैंक कंटेनरों में सीमेंट की ढुलाई से उत्पाद की गुणवत्ता बनी रहती है और नुकसान की संभावना भी कम होती है। इसके साथ ही यह व्यवस्था सीमेंट को सीधे निर्माण स्थलों या डिपो तक पहुंचाने में मदद करती है, जिससे समय और अतिरिक्त हैंडलिंग लागत दोनों में कमी आती है।

कंटेनर कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया के माध्यम से थोक सीमेंट परिवहन को बढ़ावा देने का उद्देश्य रेलवे के कंटेनर ट्रैफिक को भी मजबूत करना है। रेलवे का मानना है कि इससे लॉजिस्टिक्स सेक्टर में आधुनिक तकनीकों और बेहतर प्रबंधन को अपनाने में मदद मिलेगी। साथ ही, देश में बढ़ते इंफ्रास्ट्रक्चर और हाउसिंग प्रोजेक्ट्स की जरूरतों को देखते हुए सीमेंट की मांग लगातार बढ़ रही है, ऐसे में प्रभावी और किफायती परिवहन व्यवस्था बेहद जरूरी है।

रेल मंत्रालय का कहना है कि आने वाले समय में थोक सीमेंट ढुलाई के लिए और भी सुधार किए जा सकते हैं, ताकि अधिक से अधिक कंपनियां रेलवे की ओर रुख करें। इससे रेलवे की माल ढुलाई आय बढ़ेगी और उद्योग को स्थिर तथा भरोसेमंद परिवहन विकल्प मिलेगा। कुल मिलाकर, रेलवे के इन कदमों से सीमेंट उद्योग और लॉजिस्टिक्स सेक्टर दोनों को लाभ मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

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