शेयर बाजार में लगातार दूसरे दिन गिरावट, निवेशकों के 2 लाख करोड़ रुपये स्वाहा

भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार को लगातार दूसरे कारोबारी सत्र में गिरावट देखने को मिली, जिससे निवेशकों की चिंता बढ़ गई। दिनभर बाजार में उतार-चढ़ाव का माहौल बना रहा, लेकिन कारोबार के अंत तक प्रमुख सूचकांक लाल निशान में बंद हुए। बीएसई सेंसेक्स 516 अंकों से ज्यादा टूटकर 77,328 के स्तर पर बंद हुआ, जबकि एनएसई निफ्टी50 भी 150 अंकों की गिरावट के साथ 24,176 पर आ गया। बाजार में कमजोरी का असर निवेशकों की संपत्ति पर भी साफ दिखाई दिया और एक ही दिन में करीब 2 लाख करोड़ रुपये का नुकसान दर्ज किया गया।
कारोबार की शुरुआत कमजोर संकेतों के साथ हुई थी। सेंसेक्स हल्की गिरावट के साथ खुला और दिनभर दबाव में बना रहा। एक समय यह 77,146 के निचले स्तर तक पहुंच गया था। इसी तरह निफ्टी भी शुरुआती कारोबार से ही दबाव में दिखाई दिया और इंट्रा-डे ट्रेडिंग के दौरान 24,126 के स्तर तक फिसल गया। बाजार में बिकवाली का सबसे ज्यादा असर बैंकिंग और वित्तीय शेयरों में देखने को मिला, जिसने पूरे बाजार की धारणा को कमजोर कर दिया।
सेक्टोरल इंडेक्स की बात करें तो आईटी शेयरों ने सबसे बेहतर प्रदर्शन किया। निफ्टी आईटी इंडेक्स में एक प्रतिशत से ज्यादा की तेजी दर्ज की गई। इसके अलावा एफएमसीजी, मीडिया, हेल्थकेयर और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स सेक्टर में भी खरीदारी देखने को मिली। दूसरी ओर बैंकिंग और वित्तीय सेक्टर में भारी दबाव बना रहा। निफ्टी पीएसयू बैंक इंडेक्स में तीन प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट आई, जबकि फाइनेंशियल सर्विसेज, प्राइवेट बैंक, मेटल, ऑयल एंड गैस और ऑटो सेक्टर भी नुकसान के साथ बंद हुए।
निफ्टी50 के शेयरों में टाइटन, अपोलो हॉस्पिटल, एशियन पेंट्स, टाटा कंज्यूमर, अदाणी पोर्ट्स, इंफोसिस और एचसीएल टेक सबसे ज्यादा बढ़त वाले शेयरों में शामिल रहे। इन कंपनियों के शेयरों में मजबूत खरीदारी देखने को मिली। वहीं दूसरी तरफ एसबीआई के शेयरों में सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की गई और यह करीब 7 प्रतिशत तक टूट गया। इसके अलावा एचडीएफसी बैंक, बजाज फाइनेंस, एक्सिस बैंक, ओएनजीसी, कोल इंडिया और अल्ट्राटेक सीमेंट के शेयरों में भी कमजोरी देखने को मिली।
व्यापक बाजारों की बात करें तो मिडकैप शेयरों में हल्की गिरावट दर्ज की गई, जबकि स्मॉलकैप शेयरों ने सीमित बढ़त दिखाई। इससे साफ संकेत मिला कि निवेशक फिलहाल बड़े और बैंकिंग शेयरों में सतर्क नजर आ रहे हैं। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक आर्थिक संकेत, विदेशी निवेशकों की बिकवाली और मुनाफावसूली के चलते बाजार पर दबाव बना हुआ है।
बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का कुल मार्केट कैप भी घटकर 473 लाख करोड़ रुपये रह गया। पिछले कारोबारी सत्र में यह 475 लाख करोड़ रुपये के करीब था। ऐसे में एक ही दिन में निवेशकों की बड़ी पूंजी बाजार से साफ हो गई। आने वाले कारोबारी सत्रों में निवेशकों की नजर वैश्विक बाजारों, विदेशी निवेशकों की गतिविधियों और आर्थिक आंकड़ों पर बनी रहेगी।
