ईरान-इजरायल जंग के बीच नेतन्याहू का बड़ा बयान, ईरानी जनता से सड़कों पर उतरने की अपील, पेजेशकियन ने बदले की चेतावनी दी

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ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते सैन्य तनाव के बीच हालात और ज्यादा गंभीर हो गए हैं। इसी कड़ी में इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ईरान की जनता को संबोधित करते हुए एक वीडियो संदेश जारी किया है, जिसमें उन्होंने ईरानी नागरिकों से मौजूदा परिस्थितियों को एक ऐतिहासिक अवसर के रूप में देखने और उसका फायदा उठाने की अपील की है। उनके इस बयान ने पूरे मध्य पूर्व में राजनीतिक हलचल तेज कर दी है।

नेतन्याहू ने अपने संदेश में कहा कि आने वाले दिनों में इजरायल ईरान के कई ठिकानों को निशाना बनाएगा, जिन्हें उन्होंने आतंकवादी शासन से जुड़ा बताया। उन्होंने दावा किया कि इन कार्रवाइयों का उद्देश्य ईरान की जनता को उस शासन से मुक्त कराने की दिशा में हालात तैयार करना है, जिसे उन्होंने दमनकारी बताया। इजरायली प्रधानमंत्री ने ईरानी नागरिकों से कहा कि ऐसा मौका हर पीढ़ी में एक बार आता है और उन्हें इसे हाथ से नहीं जाने देना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि वह समय जल्द आ सकता है जब लोगों को बड़ी संख्या में सड़कों पर उतरकर बदलाव की मांग करनी होगी।

अपने संदेश में नेतन्याहू ने ईरान के विभिन्न समुदायों जैसे फारसी, कुर्द, अजेरि, अहवाजी और बलूच लोगों का जिक्र करते हुए उनसे एकजुट होने की अपील की। उन्होंने कहा कि जनता की तकलीफ और बलिदान व्यर्थ नहीं जाएंगे और जो मदद वे लंबे समय से चाहते थे, वह अब पहुंच चुकी है। इस बयान को कई विश्लेषक ईरान के अंदरूनी हालात को प्रभावित करने की कोशिश के तौर पर देख रहे हैं।

इससे पहले भी नेतन्याहू ने दावा किया था कि इजरायल ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम से जुड़े कई प्रमुख लोगों और अधिकारियों को निशाना बनाया है। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार आगे भी ऐसे ठिकानों पर कार्रवाई जारी रखेगी। उनके अनुसार, हाल के हमलों में ईरान के शीर्ष सैन्य और रणनीतिक पदों से जुड़े लोगों को निशाना बनाया गया है। इन दावों ने क्षेत्र में अस्थिरता और बढ़ा दी है।

दूसरी ओर, ईरान की तरफ से भी कड़ा रुख सामने आया है। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने स्पष्ट कहा है कि इजरायल और अमेरिका द्वारा किए गए हमलों का जवाब देना उनका कानूनी अधिकार और जिम्मेदारी है। उन्होंने आरोप लगाया कि देश के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई को दुश्मनों ने निशाना बनाया है, जिसे उन्होंने ऐतिहासिक अपराध करार दिया। पेजेशकियन ने कहा कि इस घटना के जिम्मेदार लोगों और कमांडरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और बदला लिया जाएगा।

ईरानी राष्ट्रपति के बयान से यह साफ हो गया है कि तेहरान इस पूरे घटनाक्रम को सिर्फ सैन्य हमला नहीं बल्कि संप्रभुता पर सीधा वार मान रहा है। ऐसे में दोनों देशों के बीच तनाव और गहराने की आशंका जताई जा रही है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजरें अब इस बात पर टिकी हैं कि आने वाले दिनों में हालात किस दिशा में जाते हैं और क्या यह संघर्ष बड़े क्षेत्रीय युद्ध का रूप ले सकता है।

मध्य पूर्व पहले से ही अस्थिर परिस्थितियों से गुजर रहा है और ऐसे में दोनों देशों के तीखे बयानों और सैन्य दावों ने स्थिति को और अधिक संवेदनशील बना दिया है। आम नागरिकों में भय और अनिश्चितता का माहौल है, जबकि वैश्विक स्तर पर कूटनीतिक प्रयासों की जरूरत पहले से कहीं अधिक महसूस की जा रही है।

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