चारधाम यात्रा में केदारनाथ हेली सेवा पर सख्ती, सूर्योदय से पहले और सूर्यास्त के बाद उड़ान पर रोक
चारधाम यात्रा के दौरान केदारनाथ के लिए संचालित होने वाली हेली सेवा को लेकर इस बार सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। यात्रियों की जान की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए प्रदेश सरकार और नागरिक उड्डयन विभाग ने साफ कर दिया है कि हेलिकॉप्टर सेवाओं का संचालन पूरी तरह डीजीसीए के दिशानिर्देशों के अनुसार ही होगा। नियमों के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई की जाएगी और हर उड़ान पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी।
डीजीसीए के अनुसार सूर्योदय से पहले और सूर्यास्त के बाद किसी भी स्थिति में हेलिकॉप्टर उड़ान की अनुमति नहीं दी जाएगी। पर्वतीय और उच्च हिमालयी क्षेत्रों की भौगोलिक परिस्थितियों के साथ-साथ खराब मौसम को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। मौसम खराब होने की स्थिति में हेली सेवा पूरी तरह बंद रखी जाएगी। इसके अलावा केदारनाथ घाटी में हेली उड़ानों की संख्या में करीब 30 प्रतिशत की कटौती भी की गई है।
बीते वर्ष हुए लगातार हादसों ने प्रशासन को और सतर्क कर दिया है। 15 जून 2025 को केदारनाथ से गुप्तकाशी लौट रहा हेलिकॉप्टर गौरी माई खर्क के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गया था, जिसमें पायलट समेत सात लोगों की मौत हुई थी। इससे पहले आठ मई 2025 को उत्तरकाशी के गंगनानी क्षेत्र में हेलिकॉप्टर हादसे में छह लोगों की जान गई थी। वहीं 17 मई 2025 को केदारनाथ धाम के समीप हेली एंबुलेंस भी दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। इन घटनाओं के बाद प्रदेश सरकार ने हेली सेवा संचालन के लिए सख्त एसओपी लागू की थी।
नई व्यवस्था के तहत हेली सेवा संचालित करने वाली कंपनियों को केवल अनुभवी पायलटों की तैनाती करनी होगी, जिन्हें उच्च हिमालयी क्षेत्रों में उड़ान का पर्याप्त अनुभव हो। उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण के सीईओ आशीष चौहान ने बताया कि यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इस वर्ष भी हेली सेवा के लिए टेंडर प्रक्रिया अपनाई जाएगी और नियमों का कड़ाई से पालन कराया जाएगा। चारधाम यात्रा के दौरान केदारनाथ जाने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हर स्तर पर निगरानी रखी जाएगी।
