भारत के न्यूक्लियर रोडमैप को मिलेगी रफ्तार 30 गीगावाट परमाणु ऊर्जा क्षमता स्थापित करेगी एनटीपीसी,
देश की सबसे बड़ी सरकारी बिजली उत्पादक कंपनी एनटीपीसी ने भारत के दीर्घकालिक ऊर्जा लक्ष्यों को मजबूती देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। कंपनी वर्ष 2047 तक 30 गीगावाट की परमाणु ऊर्जा क्षमता स्थापित करने की योजना पर काम कर रही है। इस महत्वाकांक्षी योजना की जानकारी केंद्रीय विद्युत राज्य मंत्री श्रीपद नाइक ने गुरुवार को संसद में दी। सरकार का मानना है कि परमाणु ऊर्जा न केवल स्वच्छ और टिकाऊ बिजली का भरोसेमंद स्रोत है, बल्कि भारत के भविष्य के ऊर्जा सुरक्षा ढांचे का भी अहम हिस्सा बनेगी।
लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में केंद्रीय मंत्री ने बताया कि एनटीपीसी का यह लक्ष्य सरकार के उस व्यापक फैसले का हिस्सा है, जिसके तहत वर्ष 2047 तक देश में कुल 100 गीगावाट परमाणु ऊर्जा क्षमता हासिल करने का लक्ष्य तय किया गया है। इसी दिशा में आगे बढ़ते हुए एनटीपीसी ने सभी आवश्यक मंजूरियां प्राप्त होने के बाद कंपनी अधिनियम के तहत एक पूर्ण स्वामित्व वाली परमाणु सहायक कंपनी का गठन किया है। इस नई कंपनी का नाम एनटीपीसी परमाणु ऊर्जा निगम लिमिटेड यानी एनपीयूएनएल रखा गया है, जो भविष्य में कंपनी की परमाणु परियोजनाओं का संचालन और विकास करेगी।
केंद्रीय मंत्री ने यह भी जानकारी दी कि एनटीपीसी और न्यूक्लियर पावर कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड के संयुक्त उद्यम अनु शक्ति विद्युत निगम लिमिटेड के माध्यम से राजस्थान में एक बड़ी परमाणु परियोजना पर काम चल रहा है। राजस्थान के बांसवाड़ा जिले में स्थापित की जा रही इस परियोजना में 4X700 मेगावाट की परमाणु ऊर्जा इकाइयां लगाई जाएंगी। इस परियोजना को माही बांसवाड़ा राजस्थान परमाणु ऊर्जा परियोजना के नाम से जाना जा रहा है। मौजूदा अनुमानों के अनुसार इस परियोजना की पहली 700 मेगावाट क्षमता वाली इकाई का प्रारंभिक परीक्षण वित्त वर्ष 2032-33 तक शुरू होने की संभावना है।
एनटीपीसी न केवल घरेलू स्तर पर बल्कि अंतरराष्ट्रीय सहयोग के जरिए भी अपने परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम को आगे बढ़ाने की रणनीति पर काम कर रही है। केंद्रीय मंत्री ने बताया कि कंपनी ने विभिन्न तकनीकी विकल्पों और संभावित वैश्विक साझेदारों के साथ सहयोग की संभावनाएं तलाशने के लिए रुचि पत्र यानी ईओआई जारी किया है। इससे उन्नत तकनीक और विशेषज्ञता को भारत लाने में मदद मिल सकती है।
परमाणु ऊर्जा के साथ-साथ एनटीपीसी नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में भी लगातार अपनी मौजूदगी मजबूत कर रही है। हाल ही में गुजरात और राजस्थान में कंपनी की सहायक इकाइयों द्वारा संचालित सौर परियोजनाओं के माध्यम से 359.58 मेगावाट वाणिज्यिक क्षमता जोड़ी गई है। इसके साथ ही एनटीपीसी समूह की कुल वाणिज्यिक क्षमता 85.5 गीगावाट से अधिक हो गई है।
एनटीपीसी वर्तमान में देश की लगभग एक चौथाई बिजली जरूरतों को पूरा कर रही है। कंपनी की स्थापित क्षमता 85 गीगावाट से अधिक है, जबकि करीब 30.90 गीगावाट अतिरिक्त क्षमता निर्माणाधीन है, जिसमें 13.3 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता शामिल है। कंपनी ने वर्ष 2032 तक 60 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता हासिल करने का लक्ष्य भी तय किया है। माना जा रहा है कि परमाणु और नवीकरणीय ऊर्जा में यह निवेश भारत के नेट जीरो लक्ष्यों को हासिल करने में अहम भूमिका निभाएगा और देश को दीर्घकालिक रूप से विश्वसनीय, किफायती और टिकाऊ बिजली उपलब्ध कराने में मदद करेगा।
