तकनीक के अग्रिम मोर्चे पर भारत, युवा नवाचार से दुनिया में बढ़ेगी मेडटेक स्टार्टअप्स की पहुंच: पीयूष गोयल

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वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा है कि भारत आज तकनीक के अग्रिम मोर्चे पर खड़ा है और यह प्रगति तभी संभव है जब सरकार और निजी क्षेत्र मिलकर युवा नवाचारकों को प्रोत्साहित करें। नई दिल्ली में आयोजित इंडोवेशन, मेडटेक इनोवेशन एंड स्टार्टअप शोकेस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि भारत का स्टार्टअप इकोसिस्टम तेजी से आगे बढ़ रहा है और अब समय आ गया है कि मेडटेक स्टार्टअप्स अपनी पहुंच वैश्विक स्तर तक बढ़ाएं।

उन्होंने कहा कि भारत ने हाल के वर्षों में कई महत्वपूर्ण व्यापार समझौते किए हैं, जिनके जरिए देश ने वैश्विक बाजारों तक अपनी पहुंच मजबूत की है। उन्होंने बताया कि भारत के व्यापार समझौते अब दुनिया की लगभग 70 प्रतिशत जीडीपी को कवर करते हैं, जिससे भारतीय स्टार्टअप्स को बड़े बाजारों में प्रवेश का अवसर मिल रहा है। उन्होंने मेडटेक क्षेत्र के उद्यमियों से आग्रह किया कि वे किफायती और गुणवत्तापूर्ण नवाचारों को बड़े पैमाने पर विकसित करें ताकि भारत के साथ-साथ दुनिया की जरूरतों को भी पूरा किया जा सके।

पीयूष गोयल ने कहा कि आज अधिकांश विकसित देशों के साथ भारत के मुक्त व्यापार समझौते हैं, जो निर्यात और निवेश के नए अवसर खोल रहे हैं। नवाचार को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने बौद्धिक संपदा से जुड़ी फीस में स्टार्टअप्स को 80 प्रतिशत तक की छूट देने का प्रावधान किया है, जिससे युवा उद्यमियों को अपने विचारों को सुरक्षित करने और आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।

मीडिया से बातचीत में मंत्री ने कहा कि देश में नवाचार और स्टार्टअप की बढ़ती ऊर्जा प्रेरणादायक है। उन्होंने कहा कि भारतीय नवाचारकों में सेवा भाव और उत्साह स्पष्ट रूप से दिखाई देता है और यही विश्वास दिलाता है कि भारत सही दिशा में आगे बढ़ रहा है।

कार्यक्रम के दौरान उन्होंने घोषणा की कि तीन नए राष्ट्रीय औषधि शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान यानी एनआईपीईआर स्थापित किए जाएंगे और सात मौजूदा एनआईपीईआर का उन्नयन किया जाएगा। इसके अलावा पूर्वी भारत में एक नया राष्ट्रीय डिजाइन संस्थान स्थापित करने की भी घोषणा की गई। उन्होंने सुझाव दिया कि राष्ट्रीय डिजाइन संस्थान स्टार्टअप्स को उत्पाद डिजाइन, आकर्षक प्रस्तुति और समग्र गुणवत्ता सुधार में सहयोग दे सकता है, संभव हो तो प्रो बोनो कार्यक्रमों के माध्यम से भी सहायता प्रदान की जा सकती है।

स्पष्ट है कि सरकार नवाचार आधारित अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाने के लिए नीति, संस्थागत ढांचे और वैश्विक बाजारों तक पहुंच तीनों स्तरों पर प्रयास कर रही है। मेडटेक और अन्य तकनीकी स्टार्टअप्स के लिए यह दौर अवसरों से भरा हुआ है, जहां स्थानीय समाधान वैश्विक पहचान हासिल कर सकते हैं।

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