आईटी शेयरों में भारी बिकवाली से शेयर बाजार लुढ़का, सेंसेक्स 558 अंक टूटा

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भारतीय शेयर बाजार गुरुवार को कमजोरी के साथ बंद हुआ। प्रमुख आईटी शेयरों में तेज बिकवाली ने बाजार की दिशा तय की और शुरुआती उतार-चढ़ाव के बाद दोनों प्रमुख सूचकांक लाल निशान में फिसल गए। टेक्नोलॉजी सेक्टर में कमजोर धारणा ने बैंकिंग और वित्तीय शेयरों में दिखी चुनिंदा खरीदारी को भी बेअसर कर दिया।

बीएसई सेंसेक्स 558.72 अंकों यानी 0.66 प्रतिशत की गिरावट के साथ 83,674.92 पर बंद हुआ। वहीं एनएसई निफ्टी 146.65 अंक यानी 0.57 प्रतिशत टूटकर 25,807.2 के स्तर पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान बाजार में दबाव साफ दिखाई दिया, खासकर आईटी दिग्गजों में बिकवाली ने निवेशकों की धारणा को प्रभावित किया।

बाजार विशेषज्ञों के अनुसार जब तक निफ्टी 25,840 से 25,900 के रेजिस्टेंस दायरे के नीचे कारोबार करता है और गिरते हुए चैनल में बना रहता है, तब तक अल्पकालिक रुझान नकारात्मक ही रहेगा। विश्लेषकों का मानना है कि नीचे की ओर 25,750 और उसके बाद 25,700 तक फिसलने का जोखिम बना हुआ है। वहीं 25,950 के ऊपर मजबूत वापसी ही मौजूदा मंदी की संरचना को कमजोर कर सकती है।

आईटी सेक्टर दिन का सबसे बड़ा कमजोर कड़ी रहा। टेक महिंद्रा, इंफोसिस, टीसीएस और एचसीएल टेक के शेयरों में तेज बिकवाली देखी गई और ये बीएसई पर शीर्ष गिरने वाले शेयरों में शामिल रहे। ऑटो सेक्टर की प्रमुख कंपनी महिंद्रा एंड महिंद्रा भी दबाव में बंद हुई।

हालांकि कमजोर माहौल के बीच कुछ शेयरों ने मजबूती दिखाई। बजाज फाइनेंस, आईसीआईसीआई बैंक, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स और ट्रेंट जैसे शेयर बढ़त के साथ बंद हुए और इन्होंने बाजार को कुछ हद तक सहारा देने की कोशिश की।

सेक्टोरल इंडेक्स की बात करें तो निफ्टी आईटी इंडेक्स में सबसे ज्यादा 5.51 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। रियल्टी सेक्टर भी दबाव में रहा और निफ्टी रियल्टी इंडेक्स 1.45 प्रतिशत नीचे बंद हुआ। निफ्टी ऑयल एंड गैस इंडेक्स में 1.19 प्रतिशत की गिरावट आई। इसके विपरीत निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज इंडेक्स 0.38 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुआ, जो इस कमजोरी भरे सत्र में अपेक्षाकृत मजबूत प्रदर्शन रहा।

व्यापक बाजारों में भी कमजोरी का रुख देखने को मिला। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स 0.47 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स 0.64 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुए।

विश्लेषकों का कहना है कि आईटी क्षेत्र की बड़ी कंपनियों में आई तेज गिरावट और व्यापक बाजार में कमजोरी के चलते निवेशक सतर्क नजर आए। फिलहाल बाजार की दिशा तकनीकी स्तरों और वैश्विक संकेतों पर निर्भर करेगी, लेकिन मौजूदा संकेत अल्पकाल में सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं।

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