भारत-कनाडा सीईओ फोरम में पीएम मोदी का बड़ा बयान: टैक्स सुधारों से यूरेनियम डील तक, 2.6 अरब डॉलर समझौते के साथ मजबूत होगी आर्थिक साझेदारी

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भारत और कनाडा के बीच आर्थिक रिश्तों को नई मजबूती देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए प्रधानमंत्री Narendra Modi ने इंडिया-कनाडा सीईओ फोरम को संबोधित किया। अपने संबोधन में उन्होंने भारत की तेज रफ्तार आर्थिक प्रगति, सुधारों की निरंतर प्रक्रिया और स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र में बढ़ते सहयोग को विस्तार से रखा। उन्होंने कहा कि आज भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है और यह उपलब्धि मजबूत घरेलू मांग, युवा जनसंख्या, बड़े पैमाने पर निवेश और डिजिटल तकनीक के तेजी से विस्तार के कारण संभव हो पाई है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार लगातार नीतियों को सरल बनाने और उद्योगों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने पर काम कर रही है। टैक्स सिस्टम के आधुनिकीकरण से लेकर दिवालियापन कानूनों में सुधार और उत्पादन आधारित प्रोत्साहन योजनाओं तक, हर स्तर पर सुधार किए गए हैं ताकि व्यापार करना आसान हो सके। उन्होंने इसे रिफॉर्म एक्सप्रेस की संज्ञा देते हुए कहा कि यह लगातार आगे बढ़ रही है और भारत को वैश्विक निवेश के लिए आकर्षक गंतव्य बना रही है।

सीईओ फोरम में मौजूद उद्योग जगत के प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि सरकारें नीतिगत ढांचा तैयार कर सकती हैं, लेकिन उसे जमीन पर उतारने और उसे सफल बनाने की असली जिम्मेदारी उद्योग जगत की होती है। उन्होंने दोनों देशों के कारोबारी नेताओं से साझेदारी को नए क्षेत्रों में विस्तारित करने का आह्वान किया।

इस दौरान भारत और कनाडा के बीच 2.6 अरब डॉलर की यूरेनियम आपूर्ति से जुड़ा महत्वपूर्ण समझौता भी हुआ। यह समझौता भारत के नागरिक परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम के लिए दीर्घकालिक ईंधन आपूर्ति सुनिश्चित करेगा। दोनों देशों ने इसे स्वच्छ और भरोसेमंद ऊर्जा की दिशा में बड़ा कदम बताया। समझौते के तहत छोटे मॉड्यूलर रिएक्टर और उन्नत परमाणु रिएक्टर जैसी नई तकनीकों पर संयुक्त रूप से काम करने पर भी सहमति बनी है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत और कनाडा की संयुक्त अर्थव्यवस्था छह ट्रिलियन डॉलर से अधिक की है और दोनों देशों की असली ताकत उनके साझा लक्ष्यों में निहित है। उन्होंने विशेष रूप से क्लीन एनर्जी को दोनों देशों की प्राथमिकता बताया और कहा कि आने वाले समय में इस क्षेत्र में सहयोग और गहरा होगा।

यूरेनियम समझौते के साथ ही दोनों देशों ने व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते यानी सीईपीए पर बातचीत को तेज करने का निर्णय लिया है। इससे व्यापार और निवेश के नए अवसर खुलने की उम्मीद है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह समझौता न केवल ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करेगा, बल्कि भारत और कनाडा के बीच रणनीतिक संबंधों को भी नई ऊंचाई देगा।

प्रधानमंत्री के इस संबोधन और हुए समझौतों से स्पष्ट संकेत मिलता है कि भारत वैश्विक मंच पर अपनी आर्थिक और रणनीतिक भूमिका को और सशक्त बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

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