केंद्रीय बजट से पंजाब फिर निराश, सीएम भगवंत मान बोले– भाजपा का सौतेला रवैया जारी
केंद्रीय बजट को लेकर पंजाब में तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बजट पर नाराजगी जताते हुए कहा कि भाजपा ने एक बार फिर पंजाब के साथ सौतेली मां जैसा व्यवहार किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार के इस बजट ने पंजाब के किसानों, युवाओं और आम लोगों को पूरी तरह निराश किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हर साल की तरह इस बार भी पंजाब को नजरअंदाज किया गया और राज्य की किसी भी बड़ी जरूरत या मांग को बजट में स्थान नहीं मिला।
केंद्रीय बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान के साथ-साथ वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा, कृषि मंत्री गुरमीत सिंह खुडियां, कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा, कुलदीप सिंह धालीवाल, लालजीत सिंह भुल्लर, लाल चंद कटारुचक, डॉ. रवजोत और नील गर्ग ने भी केंद्र सरकार की नीतियों की कड़ी आलोचना की। आम आदमी पार्टी की सरकार ने साफ शब्दों में कहा कि यह बजट पंजाब के हितों के खिलाफ है और इसमें राज्य के लिए कुछ भी ठोस नहीं दिया गया।
सीएम भगवंत मान ने कहा कि बजट में किसानों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी एमएसपी पर कोई कानूनी गारंटी नहीं दी गई, जबकि देशभर के किसान लंबे समय से इसकी मांग कर रहे हैं। पंजाब जैसे कृषि प्रधान राज्य के लिए यह मुद्दा बेहद अहम है, लेकिन केंद्र सरकार ने इसे पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया। उन्होंने कहा कि इससे साफ होता है कि भाजपा सरकार को किसानों की समस्याओं से कोई सरोकार नहीं है।
युवाओं के मुद्दे पर भी आम आदमी पार्टी ने बजट को निराशाजनक बताया। सरकार का कहना है कि बजट में युवाओं के लिए रोजगार को लेकर कोई ठोस रोडमैप या भरोसा नहीं दिया गया। पंजाब में बेरोजगारी एक गंभीर चुनौती है, लेकिन इसके समाधान के लिए केंद्रीय बजट में कोई विशेष प्रावधान नहीं किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि बड़े-बड़े वादों के बावजूद रोजगार सृजन को लेकर बजट खोखले दावों तक ही सीमित रहा।
इसके अलावा आम आदमी पार्टी के नेताओं ने इस बात पर भी नाराजगी जताई कि पंजाब के किसी भी बड़े प्रोजेक्ट को बजट में मंजूरी नहीं दी गई। न तो बुनियादी ढांचे के विकास के लिए कोई बड़ी योजना लाई गई और न ही उद्योग, शिक्षा या स्वास्थ्य से जुड़े किसी विशेष प्रोजेक्ट का जिक्र किया गया। पार्टी का कहना है कि यह साफ तौर पर पंजाब के साथ भेदभाव को दर्शाता है।
आम आदमी पार्टी सरकार ने आरोप लगाया कि भाजपा शासित केंद्र सरकार लगातार पंजाब की उपेक्षा कर रही है और यह बजट उसी सोच का एक और उदाहरण है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि उनकी सरकार पंजाब के अधिकारों के लिए मजबूती से आवाज उठाती रहेगी और राज्य के हितों से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पंजाब की जनता अब यह समझ चुकी है कि कौन उनके साथ खड़ा है और कौन सिर्फ बड़े मंचों से खोखले वादे करता है।
