उत्तराखंड में बिगड़ा मौसम, बर्फबारी और हिमस्खलन की चेतावनी, कई जिलों में स्कूल बंद

cold--masuri
Share this post

उत्तराखंड में बीते कुछ दिनों से बदले मौसम के मिजाज के कारण प्रदेशभर में एक बार फिर कड़ाके की ठंड लौट आई है। बुधवार को भी मौसम खराब बने रहने की संभावना है। मौसम विभाग और आपदा प्रबंधन एजेंसियों ने ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी और हिमस्खलन को लेकर चेतावनी जारी की है, जिससे लोगों की चिंता बढ़ गई है।

पहाड़ों की रानी मसूरी में देर रात हल्की बर्फबारी हुई, जिसके बाद तापमान में गिरावट दर्ज की गई। ठंड के साथ-साथ तेज हवाओं ने भी लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। वहीं, देर रात से जारी बारिश और बर्फबारी के चलते यमुनोत्री हाईवे राना चट्टी से आगे और राड़ी टॉप क्षेत्र में यातायात के लिए बंद कर दिया गया है। इसके कारण उत्तरकाशी जिले की रवांई घाटी का जिला मुख्यालय से संपर्क पूरी तरह कट गया है।

बर्फबारी की चेतावनी को देखते हुए प्रशासन ने एहतियातन कई जिलों में स्कूलों में एक दिन का अवकाश घोषित किया है। पौड़ी, उत्तरकाशी, टिहरी, रुद्रप्रयाग, अल्मोड़ा, पिथौरागढ़ और ऊधमसिंह नगर जिलों में सभी स्कूल बंद रहेंगे।

उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने ऊंचाई वाले क्षेत्रों में संभावित बर्फबारी और हिमस्खलन को देखते हुए सभी जिलों को सतर्क किया है। रक्षा भू-सूचना अनुसंधान संस्थान के पूर्वानुमान के अनुसार बुधवार शाम पांच बजे तक प्रदेश के कई ऊंचाई वाले इलाकों में हिमस्खलन की आशंका बनी हुई है। डीजीआरई की चेतावनी के तहत उत्तरकाशी, चमोली और रुद्रप्रयाग जिलों को नारंगी श्रेणी में रखा गया है, जहां अधिकांश हिमस्खलन मार्गों पर गहरी और अस्थिर बर्फ जमा है। पिथौरागढ़ जिले को पीली श्रेणी में रखा गया है, जहां कुछ मार्गों पर अस्थिर बर्फ के कारण छोटे प्राकृतिक हिमस्खलन की संभावना है। वहीं बागेश्वर जिले को हरी श्रेणी में रखा गया है, जहां स्थिति अपेक्षाकृत स्थिर मानी जा रही है।

आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विभाग के सचिव विनोद कुमार सुमन के निर्देश पर राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र ने सभी संबंधित जिलाधिकारियों को स्थानीय स्तर पर लगातार निगरानी रखने और संवेदनशील क्षेत्रों में सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति से समय रहते निपटा जा सके।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *