वीर बाल दिवस पर बिहार के वैभव सूर्यवंशी को मिला प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार, पूरे राज्य में खुशी की लहर

वीर बाल दिवस के मौके पर बिहार के उभरते क्रिकेट सितारे और 14 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार से सम्मानित किया। इस उपलब्धि के बाद पूरे बिहार में खुशी का माहौल है और भाजपा नेताओं ने इसे राज्य के लिए गर्व का क्षण बताया है। कम उम्र में राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाने वाले वैभव की इस सफलता को बिहार की खेल प्रतिभा की बड़ी जीत माना जा रहा है।
बिहार भाजपा अध्यक्ष संजय सरावगी ने वैभव को मिले इस सम्मान पर खुशी जताते हुए कहा कि उन्होंने अपने शानदार खेल से कम उम्र में ही कई रिकॉर्ड अपने नाम किए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि वीर बाल दिवस के अवसर पर देशभर से चुने गए 20 प्रतिभाशाली और साहसी बच्चों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार से सम्मानित किया जाना गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि वैभव सूर्यवंशी ने अपनी मेहनत और उत्कृष्ट प्रदर्शन से क्रिकेट की दुनिया में अलग पहचान बनाई है।
संजय सरावगी ने यह भी कहा कि बिहार के लिए यह सम्मान बेहद खास है क्योंकि वैभव ने यह साबित कर दिया है कि सीमित संसाधनों के बावजूद प्रतिभा और समर्पण से बड़े सपने पूरे किए जा सकते हैं। उन्होंने 11 वर्षीय कमलेश कुमार साह का भी जिक्र किया, जिन्होंने नदी में डूबते बच्चे को बचाने के दौरान अपने प्राणों की आहुति देकर साहस और त्याग का उदाहरण पेश किया।
उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भी इस मौके पर बच्चों को बधाई देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार के जरिए देश के होनहार बच्चों के साहस, प्रतिभा और समर्पण को सम्मानित किया गया है। उन्होंने कहा कि इन बच्चों की उपलब्धियां न केवल पूरे देश के लिए गर्व की बात हैं बल्कि करोड़ों बच्चों के लिए प्रेरणा का स्रोत भी हैं। वीर बाल दिवस पर राष्ट्रपति द्वारा यह सम्मान दिया जाना राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य को सम्मानित करने जैसा है।
बिहार भाजपा ने भी अपने संदेश में वैभव सूर्यवंशी को बधाई देते हुए कहा कि कम उम्र में अनुशासन, कड़ी मेहनत और असाधारण प्रतिभा के बल पर राष्ट्रीय पहचान बनाना हर युवा के लिए प्रेरणादायक है। पार्टी ने कहा कि यह सम्मान न केवल वैभव की व्यक्तिगत उपलब्धि है बल्कि बिहार की खेल प्रतिभा और उज्ज्वल भविष्य का भी प्रतीक है।
