बिहार में नए साल से एक और जिले में दौड़ेंगी पिंक बसें, महिला ड्राइवर संभालेंगी कमान

बिहार में महिलाओं की सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा को बढ़ावा देने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया जा रहा है। नए साल यानी 1 जनवरी 2026 से राज्य के एक और जिले में पिंक बस सेवा की शुरुआत होने जा रही है। खास बात यह है कि इन बसों को महिला ड्राइवर ही चलाएंगी, जिससे न केवल महिलाओं की सुरक्षा बढ़ेगी बल्कि उन्हें रोजगार और आत्मनिर्भरता का भी अवसर मिलेगा। सरकार की यह पहल महिला सशक्तिकरण के साथ-साथ सुरक्षित सार्वजनिक परिवहन की दिशा में एक मजबूत प्रयास मानी जा रही है।
फिलहाल पिंक बस सेवा पटना समेत राज्य के पांच जिलों में सफलतापूर्वक चलाई जा रही है और इसे यात्रियों से काफी अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है। खासकर छात्राओं, कामकाजी महिलाओं और बुजुर्ग महिलाओं के लिए यह सेवा काफी भरोसेमंद साबित हुई है। महिलाओं का कहना है कि पिंक बसों में यात्रा करने से उन्हें ज्यादा सुरक्षित और सहज महसूस होता है, क्योंकि बसों में महिला चालक और महिला स्टाफ की मौजूदगी रहती है।
राज्य सरकार का मानना है कि इस योजना से महिलाओं की आवाजाही आसान होगी और उन्हें घर से बाहर निकलकर पढ़ाई, नौकरी और अन्य कामों के लिए आत्मविश्वास के साथ यात्रा करने का मौका मिलेगा। पिंक बसों में आधुनिक सुविधाएं भी दी जा रही हैं ताकि यात्रियों को आरामदायक सफर मिल सके। इन बसों के रूट इस तरह तय किए जा रहे हैं कि ज्यादा से ज्यादा महिला यात्रियों को इसका लाभ मिल सके।
नए जिले में पिंक बस सेवा शुरू होने से वहां की महिलाओं को भी बड़ी राहत मिलेगी। लंबे समय से वहां की महिलाएं सुरक्षित परिवहन की मांग कर रही थीं और अब नए साल पर यह सुविधा उनके लिए एक तरह का तोहफा साबित होगी। सरकार आने वाले समय में इस सेवा को और जिलों तक विस्तार देने की योजना पर भी काम कर रही है ताकि पूरे बिहार में महिलाओं के लिए सुरक्षित और भरोसेमंद परिवहन नेटवर्क तैयार किया जा सके।
पिंक बस सेवा सिर्फ एक परिवहन योजना नहीं बल्कि महिलाओं को आगे बढ़ाने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की एक मजबूत पहल बनकर उभर रही है। नए साल के साथ इसका विस्तार राज्य में महिला सुरक्षा और सशक्तिकरण की दिशा में एक नई शुरुआत माना जा रहा है।
