भारत में शुरू हुआ दुनिया का सबसे बड़ा अकाउंटिंग सम्मेलन, 40 देशों के 10 हजार से अधिक प्रतिनिधि शामिल

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भारत ने एक बार फिर वैश्विक मंच पर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है। ग्रेटर नोएडा के इंडिया एक्सपो सेंटर में दुनिया का सबसे बड़ा अकाउंटिंग सम्मेलन शुरू हो गया है, जिसमें 40 से अधिक देशों के 10,000 से ज्यादा डेलीगेट्स भाग ले रहे हैं। तीन दिनों तक चलने वाला यह अंतरराष्ट्रीय आयोजन अकाउंटिंग, फाइनेंस और वैश्विक अर्थव्यवस्था से जुड़े अहम मुद्दों पर मंथन का बड़ा केंद्र बन गया है।

द इंस्टिट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया द्वारा आयोजित वर्ल्ड फोरम ऑफ अकाउंटेंट्स 2.0 का भव्य शुभारंभ शुक्रवार को हुआ। उद्घाटन सत्र में केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने सम्मेलन को संबोधित करते हुए भारतीय चार्टर्ड अकाउंटेंट्स की वैश्विक भूमिका, आर्थिक विकास में उनके योगदान और बदलते अंतरराष्ट्रीय परिदृश्य में अकाउंटिंग प्रोफेशन की बढ़ती अहमियत पर प्रकाश डाला।

इस तीन दिवसीय अकाउंटिंग महाकुंभ में 200 से अधिक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ करीब 50 तकनीकी और विषयगत सत्रों में हिस्सा ले रहे हैं। इन सत्रों में अकाउंटिंग और फाइनेंस के साथ-साथ टेक्नोलॉजी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, टैक्सेशन, कैपिटल मार्केट, स्टार्टअप्स, एमएसएमई, सस्टेनेबिलिटी और गवर्नेंस जैसे विषयों पर गहन चर्चा की जा रही है।

वर्ल्ड फोरम ऑफ अकाउंटेंट्स 2.0 की थीम “नेशन बिल्डिंग से ग्लोबल कोलैबोरेशन: ट्रस्ट को मजबूत करना, ग्रोथ को आगे बढ़ाना” रखी गई है, जो देश निर्माण में अकाउंटिंग प्रोफेशन की भूमिका और वैश्विक सहयोग के बढ़ते महत्व को दर्शाती है। इस मंच पर नीति-निर्माता, रेगुलेटर्स, उद्योग जगत के दिग्गज, कॉरपोरेट लीडर्स और फाइनेंस प्रोफेशनल्स एक साथ विचार साझा कर रहे हैं।

सम्मेलन में केंद्र सरकार और नियामक संस्थाओं की सक्रिय भागीदारी भी देखने को मिल रही है। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, पीयूष गोयल, अर्जुन राम मेघवाल, राज्य मंत्री डॉ. पेम्मासानी चंद्र शेखर, प्रतापराव जाधव और भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक संजय के मूर्ति सहित कई वरिष्ठ नेता और अधिकारी इसमें शामिल हो रहे हैं।

आईसीएआई के अध्यक्ष सीए चरणजोत सिंह नंदा ने कहा कि वोफा 2.0 को बेहद सुविचारित तरीके से डिजाइन किया गया है। इसमें 50 से अधिक सत्र, 200 से ज्यादा वक्ता और लगभग 100 एग्जिबिटर्स भाग ले रहे हैं, जो नए विचार, इनोवेटिव समाधान और बेस्ट प्रैक्टिसेज प्रस्तुत कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों की मौजूदगी भारत को एक भरोसेमंद ग्लोबल नॉलेज हब के रूप में स्थापित करती है।

इस सम्मेलन में भारत की आर्थिक विकास यात्रा, डिजिटल इंडिया, गवर्नेंस सुधार, आत्मनिर्भर भारत, सस्टेनेबिलिटी और इंडिया @ 2047 जैसे भविष्य से जुड़े विषयों पर भी विशेष सत्र आयोजित किए जा रहे हैं। यह आयोजन न केवल अकाउंटिंग प्रोफेशन को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार कर रहा है, बल्कि भारत की वैश्विक आर्थिक नेतृत्व भूमिका को भी नई मजबूती दे रहा है।

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