देश में इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री ने पकड़ी रफ्तार, जून 2026 में ईवी मार्केट ने बनाया नया रिकॉर्ड

भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग लगातार नई ऊंचाइयों को छू रही है। बदलती उपभोक्ता सोच, ईंधन की बढ़ती कीमतें, पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता और बेहतर तकनीक के कारण अब अधिक लोग इलेक्ट्रिक वाहनों को प्राथमिकता देने लगे हैं। जून 2026 के दौरान देश में इलेक्ट्रिक कारों, दोपहिया, तिपहिया और वाणिज्यिक वाहनों की खुदरा बिक्री में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है। ताजा आंकड़े यह संकेत देते हैं कि भारत का ईवी बाजार अब तेजी से मुख्यधारा का हिस्सा बनता जा रहा है और आने वाले वर्षों में इसकी रफ्तार और तेज हो सकती है।
सबसे प्रभावशाली प्रदर्शन इलेक्ट्रिक यात्री वाहनों यानी इलेक्ट्रिक कारों के क्षेत्र में देखने को मिला। जून 2026 के दौरान इस श्रेणी की खुदरा बिक्री में पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 107 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई। यह वृद्धि केवल वार्षिक आधार पर ही नहीं बल्कि मासिक आधार पर भी मजबूत रही, जिससे साफ है कि उपभोक्ताओं का भरोसा इलेक्ट्रिक कारों पर लगातार बढ़ रहा है। बढ़ती चार्जिंग सुविधाएं, लंबी ड्राइविंग रेंज और नई तकनीक से लैस मॉडल इस बदलाव की प्रमुख वजह माने जा रहे हैं।
इलेक्ट्रिक कारों की लोकप्रियता बढ़ने के साथ ही कुल यात्री वाहन बाजार में उनकी हिस्सेदारी भी लगातार मजबूत हो रही है। पिछले एक वर्ष में इस हिस्सेदारी में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इससे यह स्पष्ट होता है कि पारंपरिक पेट्रोल और डीजल वाहनों के मुकाबले अब अधिक ग्राहक इलेक्ट्रिक विकल्पों की ओर आकर्षित हो रहे हैं। वाहन निर्माता कंपनियां भी लगातार नए मॉडल लॉन्च कर रही हैं, जिससे ग्राहकों को अधिक विकल्प उपलब्ध हो रहे हैं।
इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों की बिक्री में भी शानदार उछाल देखने को मिला है। शहरी क्षेत्रों के साथ-साथ छोटे शहरों में भी इलेक्ट्रिक स्कूटर और बाइक की मांग तेजी से बढ़ रही है। कम संचालन लागत, आसान चार्जिंग और कम रखरखाव खर्च के कारण बड़ी संख्या में लोग इन्हें दैनिक आवागमन के लिए पसंद कर रहे हैं। इस श्रेणी में हुई उल्लेखनीय वृद्धि यह दर्शाती है कि भारत में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी अब केवल बड़े शहरों तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि देश के विभिन्न हिस्सों में तेजी से अपनी जगह बना रही है।
इलेक्ट्रिक तिपहिया वाहन भी इस बदलाव का महत्वपूर्ण हिस्सा बने हुए हैं। सार्वजनिक परिवहन और माल ढुलाई में इनका उपयोग लगातार बढ़ रहा है। खासतौर पर ई-रिक्शा और इलेक्ट्रिक कार्गो वाहनों की मांग में निरंतर वृद्धि देखने को मिल रही है। कुल तिपहिया वाहन बाजार में इलेक्ट्रिक वाहनों की मजबूत हिस्सेदारी यह साबित करती है कि यह श्रेणी अब व्यावसायिक परिवहन का प्रमुख विकल्प बन चुकी है। कम ईंधन खर्च और बेहतर कमाई की संभावना के कारण चालक भी तेजी से इलेक्ट्रिक तिपहिया वाहनों को अपना रहे हैं।
सबसे तेज वृद्धि इलेक्ट्रिक वाणिज्यिक वाहनों की बिक्री में दर्ज की गई है। लॉजिस्टिक्स, ई-कॉमर्स और शहरी डिलीवरी सेवाओं में इलेक्ट्रिक ट्रकों और छोटे मालवाहक वाहनों की मांग लगातार बढ़ रही है। कंपनियां अपने परिचालन खर्च को कम करने और पर्यावरण के अनुकूल परिवहन अपनाने के लिए इलेक्ट्रिक कमर्शियल वाहनों में निवेश बढ़ा रही हैं। यही कारण है कि इस श्रेणी में बिक्री ने रिकॉर्ड स्तर की वृद्धि दर्ज की है।
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में भारत का इलेक्ट्रिक वाहन बाजार और तेजी से विस्तार करेगा। चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधार, नई बैटरी तकनीक, बेहतर ड्राइविंग रेंज और उपभोक्ताओं की बढ़ती जागरूकता इस क्षेत्र को नई गति देने में अहम भूमिका निभाएगी। इसके अलावा स्वच्छ ऊर्जा और कार्बन उत्सर्जन कम करने की दिशा में बढ़ते प्रयास भी इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग को मजबूत बनाए रखेंगे। मौजूदा रुझान यह संकेत देते हैं कि भारत तेजी से हरित और टिकाऊ परिवहन व्यवस्था की ओर बढ़ रहा है, जहां इलेक्ट्रिक वाहन भविष्य की सबसे महत्वपूर्ण मोबिलिटी तकनीक बनकर उभर रहे हैं।
