राबड़ी आवास विवाद पर नीतीश सरकार सख्त, सम्राट चौधरी ने दिया कड़ा जवाब

बिहार की राजनीति में राबड़ी देवी के सरकारी आवास को लेकर बढ़ा विवाद अब और तेज होता दिख रहा है। आरजेडी द्वारा यह संकेत दिए जाने के बाद कि पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी आवास खाली नहीं करेंगी, नीतीश सरकार ने सख्त रुख अख़्तियार कर लिया है। राज्य के गृह मंत्री सम्राट चौधरी ने इस मुद्दे पर स्पष्ट और कड़े शब्दों में प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सरकारी आवास किसी की निजी संपत्ति या बपौती नहीं होती, जिसे कोई हमेशा के लिए कब्जे में रख ले।
सम्राट चौधरी ने आरजेडी पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि सत्ता में रहते हुए जिन लोगों ने सरकारी व्यवस्थाओं का मनमाने ढंग से उपयोग किया, उन्हें अब प्रशासनिक नियम-कानून याद दिलाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि सभी पूर्व मंत्रियों और पदाधिकारियों को वही प्रक्रिया अपनानी होती है, जो कानून में निर्धारित है। सरकारी आवास का आवंटन और निष्कासन एक तय व्यवस्था के तहत होता है और उसमें राजनीति या दबाव की कोई जगह नहीं है।
गृह मंत्री ने यह भी साफ किया कि सरकार कानूनन जो भी कार्रवाई आवश्यक होगी, वह समय पर करेगी। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि कोई भी व्यक्ति चाहे कितना ही बड़ा नेता क्यों न हो, सरकारी संपत्ति पर मनमानी नहीं कर सकता। “सरकारी आवास जनता का है, किसी खास परिवार की जागीर नहीं,” उन्होंने कहा।
वहीं आरजेडी का कहना है कि राबड़ी देवी को सुरक्षा और स्वास्थ्य कारणों से मौजूदा आवास की जरूरत है, इसलिए आवास खाली नहीं किया जाएगा। पार्टी का आरोप है कि सरकार राजनीतिक बदले की भावना से काम कर रही है। हालांकि एनडीए सरकार का दावा है कि यह पूरा मामला सिर्फ नियमों और प्रक्रिया का पालन कराने को लेकर है।
राबड़ी आवास विवाद को लेकर दोनों पक्षों की बयानबाजी के कारण राजनीतिक तापमान लगातार बढ़ रहा है और आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर और तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिल सकती है।
