शेयर बाजार में जबरदस्त वापसी, सेंसेक्स 776 अंक उछला, निवेशकों ने एक दिन में कमाए 5 लाख करोड़ रुपये

सप्ताह के पहले कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार ने दमदार वापसी करते हुए निवेशकों को बड़ी राहत दी। पिछले पांच लगातार कारोबारी सत्रों की गिरावट के बाद सोमवार को बाजार ने शानदार तेजी दर्ज की। वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में आई नरमी और अंतरराष्ट्रीय तनाव में कमी का सकारात्मक असर घरेलू बाजार पर भी देखने को मिला। इसके साथ ही बेहतर कॉरपोरेट नतीजों और अर्थव्यवस्था को लेकर मजबूत उम्मीदों ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया, जिससे पूरे कारोबारी सत्र के दौरान खरीदारी का माहौल बना रहा।
कारोबार समाप्त होने तक बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 776.01 अंकों की बढ़त के साथ 76,835.78 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं एनएसई का प्रमुख सूचकांक निफ्टी 50 भी 228.50 अंकों की मजबूती के साथ 23,995.95 पर पहुंच गया। दोनों प्रमुख सूचकांकों में करीब एक प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई, जिसने हाल के दिनों में बाजार में बनी निराशा को काफी हद तक कम कर दिया।
केवल बड़ी कंपनियों के शेयर ही नहीं, बल्कि मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी अच्छी खरीदारी देखने को मिली। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स में 1.11 प्रतिशत और स्मॉलकैप 100 इंडेक्स में 1.31 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई। इससे साफ संकेत मिला कि निवेशकों का भरोसा व्यापक बाजार में भी मजबूत हुआ है और उन्होंने अलग-अलग सेक्टरों में निवेश बढ़ाया।
सोमवार के कारोबार की सबसे खास बात यह रही कि लगभग सभी प्रमुख सेक्टर हरे निशान में बंद हुए। मीडिया, आईटी और रियल्टी सेक्टर ने सबसे बेहतर प्रदर्शन किया। आईटी कंपनियों के शेयरों में अच्छी खरीदारी देखने को मिली, जबकि रियल एस्टेट और ऑटो सेक्टर में भी मजबूत तेजी दर्ज हुई। फार्मा, एफएमसीजी, बैंकिंग, इंफ्रास्ट्रक्चर, मेटल, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, प्राइवेट बैंक और पीएसयू बैंक जैसे प्रमुख सेक्टर भी सकारात्मक बढ़त के साथ बंद हुए। हालांकि ऑयल एंड गैस सेक्टर का प्रदर्शन अन्य क्षेत्रों की तुलना में अपेक्षाकृत कमजोर रहा।
व्यक्तिगत शेयरों की बात करें तो इटरनल, इंटरग्लोब एविएशन, इंफोसिस, बजाज फाइनेंस, मैक्स हेल्थ और श्रीराम फाइनेंस के शेयरों में सबसे अधिक तेजी दर्ज की गई। दूसरी ओर ओएनजीसी, एचडीएफसी लाइफ, एचडीएफसी बैंक, कोल इंडिया, पावर ग्रिड और डॉ. रेड्डीज लैब्स जैसे कुछ शेयर दबाव में रहे और इनमें हल्की गिरावट देखने को मिली।
बाजार में आई इस तेजी का सबसे बड़ा फायदा निवेशकों को मिला। बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण एक ही कारोबारी सत्र में लगभग 476 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 481 लाख करोड़ रुपये के करीब पहुंच गया। इसका मतलब है कि निवेशकों की कुल संपत्ति में लगभग 5 लाख करोड़ रुपये का इजाफा हुआ, जिसने बाजार में सकारात्मक माहौल को और मजबूत किया।
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक और घरेलू दोनों स्तरों पर कई सकारात्मक संकेत सामने आ रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से महंगाई पर दबाव कम होने की संभावना बढ़ी है। इसके अलावा अमेरिका, ब्रिटेन और जापान के केंद्रीय बैंकों की आगामी मौद्रिक नीति बैठकों पर भी निवेशकों की नजर बनी हुई है। उम्मीद जताई जा रही है कि फिलहाल ब्याज दरों में कोई बड़ा बदलाव नहीं किया जाएगा, जिससे वैश्विक बाजारों को स्थिरता मिल सकती है।
घरेलू स्तर पर भी निवेशकों का विश्वास मजबूत दिखाई दे रहा है। पहली तिमाही में कई कंपनियों के वित्तीय नतीजे उम्मीद से बेहतर रहे हैं। साथ ही कारोबारी गतिविधियों में सुधार और महंगाई को लेकर राहत की संभावना ने बाजार की धारणा को सकारात्मक बनाए रखा है। यदि यही माहौल आगे भी जारी रहता है, तो आने वाले कारोबारी सत्रों में भारतीय शेयर बाजार में मजबूती का सिलसिला आगे बढ़ने की उम्मीद की जा रही है।
