शेयर बाजार में जोरदार उछाल, आईटी शेयरों की दमदार खरीदारी से सेंसेक्स 700 अंक से ज्यादा चढ़ा

घरेलू शेयर बाजार ने शुक्रवार को मजबूती के साथ कारोबार की शुरुआत की और शुरुआती सत्र में निवेशकों का उत्साह साफ तौर पर देखने को मिला। वैश्विक बाजारों से मिले सकारात्मक संकेतों और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिप कंपनियों के शेयरों में आई तेजी का असर भारतीय बाजार पर भी दिखाई दिया। निवेशकों ने विशेष रूप से सूचना प्रौद्योगिकी यानी आईटी सेक्टर के शेयरों में जमकर खरीदारी की, जिससे बाजार की धारणा मजबूत बनी रही और प्रमुख सूचकांकों में अच्छी बढ़त दर्ज की गई।
कारोबार की शुरुआत होते ही बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 700 अंकों से अधिक की छलांग लगाकर 77 हजार के स्तर के ऊपर पहुंच गया। इसी तरह नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 24 हजार के महत्वपूर्ण स्तर को पार करते हुए मजबूत बढ़त के साथ कारोबार करता दिखाई दिया। शुरुआती कारोबार में ही बाजार में खरीदारी का दबदबा रहा, जिससे अधिकांश प्रमुख शेयर हरे निशान में कारोबार करते नजर आए।
आईटी सेक्टर ने बाजार की तेजी में सबसे अहम भूमिका निभाई। टेक महिंद्रा, एचसीएल टेक और टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज जैसे दिग्गज आईटी शेयरों में शानदार खरीदारी देखने को मिली। इन कंपनियों के बेहतर प्रदर्शन ने न केवल आईटी इंडेक्स को मजबूती दी बल्कि पूरे बाजार के रुख को भी सकारात्मक बनाए रखा। वैश्विक टेक कंपनियों और सेमीकंडक्टर उद्योग से जुड़ी सकारात्मक खबरों ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया, जिसका सीधा असर भारतीय आईटी कंपनियों के शेयरों पर दिखाई दिया।
केवल बड़े शेयरों तक ही तेजी सीमित नहीं रही, बल्कि व्यापक बाजार में भी सकारात्मक माहौल बना रहा। मिडकैप और स्मॉलकैप कंपनियों के शेयरों में भी अच्छी खरीदारी दर्ज की गई। इससे यह संकेत मिला कि निवेशकों का भरोसा केवल चुनिंदा बड़ी कंपनियों तक सीमित नहीं है, बल्कि वे व्यापक स्तर पर बाजार में निवेश कर रहे हैं। इससे बाजार की मजबूती और भी व्यापक दिखाई दी।
सेक्टरवार प्रदर्शन की बात करें तो आईटी इंडेक्स सबसे अधिक मजबूत रहा और इसमें लगभग तीन प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई। इसके अलावा धातु और उपभोक्ता टिकाऊ वस्तुओं से जुड़े शेयरों में भी अच्छी तेजी देखने को मिली। इन क्षेत्रों में निवेशकों की सक्रियता से यह स्पष्ट हुआ कि बाजार में जोखिम लेने की प्रवृत्ति बढ़ रही है और निवेशक बेहतर संभावनाओं वाले सेक्टरों की ओर रुख कर रहे हैं।
हालांकि सभी क्षेत्रों में तेजी नहीं रही। फार्मा और हेल्थकेयर सेक्टर में अपेक्षाकृत कमजोरी देखने को मिली। इन क्षेत्रों के सूचकांकों में गिरावट दर्ज की गई, जिससे यह संकेत मिला कि निवेशकों ने फिलहाल अधिक रिटर्न की संभावना वाले सेक्टरों को प्राथमिकता दी। इसके बावजूद कुल मिलाकर बाजार का माहौल सकारात्मक बना रहा और प्रमुख सूचकांक मजबूती के साथ कारोबार करते रहे।
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक स्तर पर चिप निर्माण से जुड़ी कंपनियों में आई तेजी ने दुनिया भर के निवेशकों का भरोसा मजबूत किया है। इसी सकारात्मक माहौल का लाभ भारतीय बाजार को भी मिला। तकनीकी कंपनियों में निवेश बढ़ने से बाजार को नई ऊर्जा मिली और शुरुआती कारोबार में ही मजबूत तेजी देखने को मिली।
दूसरी ओर पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव अभी भी वैश्विक निवेशकों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है, लेकिन फिलहाल बाजार पर इसका नकारात्मक असर सीमित दिखाई दे रहा है। निवेशकों का ध्यान फिलहाल कॉर्पोरेट प्रदर्शन, वैश्विक आर्थिक संकेतों और तकनीकी क्षेत्र की मजबूती पर अधिक केंद्रित है। यही वजह है कि अनिश्चितताओं के बावजूद बाजार में खरीदारी का माहौल बना हुआ है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि वैश्विक बाजारों का सकारात्मक रुख जारी रहता है और आईटी सहित प्रमुख क्षेत्रों में निवेशकों की दिलचस्पी बनी रहती है, तो आने वाले कारोबारी सत्रों में भी भारतीय शेयर बाजार मजबूती बनाए रख सकता है। हालांकि निवेशकों को वैश्विक घटनाक्रम, कंपनियों के तिमाही नतीजों और आर्थिक आंकड़ों पर लगातार नजर बनाए रखने की सलाह दी जा रही है।
