शेयर बाजार में जोरदार शुरुआत, सेंसेक्स 700 से ज्यादा अंक उछला, आईटी शेयरों ने संभाली बाजार की कमान

भारतीय शेयर बाजार ने बुधवार के कारोबारी सत्र की शुरुआत शानदार तेजी के साथ की। शुरुआती कारोबार में निवेशकों का भरोसा मजबूत दिखाई दिया, जिसके चलते प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी दोनों हरे निशान में कारोबार करते नजर आए। बाजार खुलने के कुछ ही मिनटों में सेंसेक्स 729 अंकों की बढ़त के साथ 77,495 के स्तर पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी 202 अंक चढ़कर 24,187 के स्तर पर कारोबार करता दिखाई दिया। इस मजबूत शुरुआत ने संकेत दिया कि निवेशकों का रुझान फिलहाल खरीदारी की ओर बना हुआ है।
बाजार की इस तेजी का सबसे बड़ा आधार आईटी सेक्टर रहा। शुरुआती कारोबार में आईटी कंपनियों के शेयरों में अच्छी खरीदारी देखने को मिली, जिसके चलते निफ्टी आईटी इंडेक्स एक प्रतिशत से अधिक की बढ़त के साथ सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाला सेक्टर बन गया। इसके अलावा मेटल, एफएमसीजी, ऑटो, इंफ्रास्ट्रक्चर, सर्विसेज, फाइनेंशियल सर्विसेज, पीएसयू बैंक और फार्मा सेक्टर के शेयरों में भी मजबूती दर्ज की गई। हालांकि, रियल्टी, ऑयल एंड गैस और पीएसई सेक्टर में हल्का दबाव देखने को मिला, जिससे इन सूचकांकों में गिरावट दर्ज की गई।
सिर्फ बड़ी कंपनियों तक ही तेजी सीमित नहीं रही, बल्कि मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी निवेशकों ने जमकर खरीदारी की। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स करीब 236 अंक की बढ़त के साथ 62,598 के स्तर पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स भी 105 अंक चढ़कर 19,185 के आसपास कारोबार करता दिखाई दिया। इससे साफ संकेत मिलता है कि बाजार में निवेशकों का भरोसा व्यापक स्तर पर बना हुआ है और केवल चुनिंदा कंपनियों में ही नहीं बल्कि विभिन्न वर्गों के शेयरों में निवेश बढ़ रहा है।
सेंसेक्स की प्रमुख कंपनियों में एलएंडटी, इन्फोसिस, हिंदुस्तान यूनिलीवर, भारती एयरटेल, बजाज फाइनेंस, महिंद्रा एंड महिंद्रा, टीसीएस, एचडीएफसी बैंक, टेक महिंद्रा, एचसीएल टेक, आईटीसी, अल्ट्राटेक सीमेंट, टाटा स्टील, कोटक महिंद्रा बैंक और बजाज फिनसर्व जैसे शेयरों में अच्छी तेजी देखने को मिली। दूसरी ओर इंडिगो, पावर ग्रिड, एशियन पेंट्स, टाइटन, ट्रेंट और बीईएल जैसे कुछ शेयरों में बिकवाली का दबाव बना रहा, जिसके कारण इनमें गिरावट दर्ज की गई।
वैश्विक बाजारों का असर भी भारतीय बाजार पर देखने को मिला। एशियाई बाजारों में मिश्रित रुख रहा। टोक्यो, शंघाई, सोल और जकार्ता के बाजारों में कमजोरी देखने को मिली, जबकि हांगकांग का बाजार मजबूती के साथ कारोबार करता नजर आया। वहीं, अमेरिकी शेयर बाजार ने पिछले कारोबारी सत्र में मजबूत बढ़त के साथ कारोबार समाप्त किया था। विशेष रूप से डाओ जोन्स इंडेक्स में एक प्रतिशत से अधिक की तेजी ने वैश्विक निवेशकों के भरोसे को मजबूत किया, जिसका सकारात्मक असर भारतीय बाजार की शुरुआत पर भी दिखाई दिया।
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि फिलहाल निफ्टी सीमित दायरे में कारोबार कर रहा है, लेकिन यदि उचित मूल्य वाले मजबूत शेयरों में खरीदारी का सिलसिला जारी रहता है तो यह दायरा ऊपर की ओर टूट सकता है। हालांकि इसके लिए कुछ अहम आर्थिक संकेतकों पर नजर बनाए रखना जरूरी होगा। कच्चे तेल की कीमतों में स्थिरता, मानसून की प्रगति और विदेशी निवेशकों की गतिविधियां आने वाले दिनों में बाजार की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।
विशेषज्ञ यह भी मानते हैं कि दक्षिण कोरिया के चिप सेक्टर में हालिया कमजोरी भारत के आईटी और टेक्नोलॉजी सेक्टर के लिए अवसर पैदा कर सकती है। यदि वैश्विक कंपनियां वैकल्पिक उत्पादन और निवेश के विकल्प तलाशती हैं तो भारत को इसका लाभ मिल सकता है, जिससे टेक्नोलॉजी और इलेक्ट्रॉनिक्स से जुड़े शेयरों में आगे भी मजबूती देखने को मिल सकती है।
विदेशी और घरेलू संस्थागत निवेशकों के आंकड़े भी बाजार के लिए सकारात्मक संकेत दे रहे हैं। पिछले कारोबारी सत्र में विदेशी संस्थागत निवेशकों ने भारतीय इक्विटी बाजार में 755.33 करोड़ रुपए का शुद्ध निवेश किया। वहीं घरेलू संस्थागत निवेशकों ने भी 1,664.16 करोड़ रुपए का निवेश किया। लगातार हो रही संस्थागत खरीदारी से बाजार में निवेशकों का विश्वास मजबूत बना हुआ है और आने वाले कारोबारी सत्रों में भी बाजार की चाल पर इन निवेशों का महत्वपूर्ण प्रभाव देखने को मिल सकता है।
