बिहार चुनाव 2025: टिकट की जंग में नए समीकरण

“पार्टी ने टिकट दिया तो जीत पक्की है…” छुटभैये नेताओं के दावे से बड़े दावेदारों की नींद उड़ी
पटना – बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के लिए तैयारियां तेज़ हैं और टिकट बंटवारे की राजनीति अब चरम पर है। दिलचस्प यह है कि बड़े-बड़े दावेदारों के सामने अब स्थानीय स्तर पर सक्रिय छुटभैये नेता भी जोर-शोर से दावा ठोक रहे हैं। उनका कहना है – “अगर पार्टी ने टिकट दे दिया, तो जीत हमारी तय है।”
✦ छुटभैयों का बढ़ा आत्मविश्वास
- पंचायत और नगर निकाय स्तर पर सक्रिय छोटे नेताओं का मानना है कि उनकी जमीनी पकड़ और लोकल सपोर्ट उन्हें जीत दिला सकता है।
- कई जगह तो स्थिति यह है कि छुटभैये के दावों ने पार्टी के बड़े नेताओं को भी असहज कर दिया है।
✦ बड़े नेताओं के लिए सिरदर्द
- टिकट पाने की होड़ में जहां बड़े चेहरे मजबूत नेटवर्क और पुराने अनुभव पर भरोसा जता रहे हैं, वहीं छुटभैये नेताओं के आक्रामक दावों से उनकी मुश्किलें बढ़ गई हैं।
- पार्टी हाईकमान अब ऐसे नेताओं की वास्तविक लोकप्रियता और जीत की संभावना पर गंभीरता से विचार कर रहा है।
✦ क्यों होगा चुनाव और रोचक?
- एनडीए और महागठबंधन दोनों खेमों में टिकट वितरण की राजनीति इस बार सबसे पेचीदा होगी।
- स्थानीय स्तर के नेताओं की एंट्री से समीकरण बदल सकते हैं और “वोट बैंक की राजनीति” का असली इम्तिहान होगा।
- राजनीतिक पंडितों का मानना है कि बड़े चेहरों और छुटभैयों की जंग ही इस बार चुनाव को और दिलचस्प बनाएगी।
👉 कुल मिलाकर, बिहार चुनाव 2025 सिर्फ दलों के बीच नहीं बल्कि पार्टी के भीतर टिकट की खींचतान से भी बेहद रोचक होने वाला है।
