बिहार में नई सरकार की पहली कैबिनेट बैठक नवंबर में हो सकती है

बिहार में एनडीए की नई सरकार के गठन के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार कैबिनेट की पहली बैठक नवंबर में हो सकती है। यह बैठक में नई विधानसभा का पहला सत्र बुलाए जाने के प्रस्ताव पर मुहर लगने की संभावना है।
अधिकारियों की छुट्टी पर रोक
विधानसभा के संभावित विशेष सत्र को ध्यान में रखते हुए पटना जिला प्रशासन ने महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। जिलाधिकारी ने जिले, अनुमंडल और प्रखंड स्तर के सभी पदाधिकारियों, तकनीकी अधिकारियों और पर्यवेक्षक स्तर के अधिकारियों की छुट्टी पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। यह रोक विधानसभा सत्र समाप्त होने तक जारी रहेगी।
विशेष परिस्थिति में किसी पदाधिकारी को अवकाश की आवश्यकता होने पर वह वरीय प्रभारी के माध्यम से स्पष्ट कारण बताकर आवेदन जिलाधिकारी कार्यालय में जमा करेंगे। अनुमति मिलने पर ही मुख्यालय छोड़ सकेंगे।
मंत्रियों के विभागों का बंटवारा
नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली नई एनडीए सरकार में मंत्रियों के विभागों का बंटवारा कर दिया गया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पास सामान्य प्रशासन, मंत्रिमंडल सचिवालय, निगरानी, निर्वाचन समेत वे विभाग रहेंगे जो किसी अन्य मंत्री को आवंटित नहीं किए गए। इस बार उनके पास गृह विभाग नहीं रहेगा।
डिप्टी सीएम और बीजेपी नेता सम्राट चौधरी को गृह विभाग का जिम्मा दिया गया है। वहीं डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा को भूमि एवं राजस्व तथा खान एवं भूतत्व विभाग सौंपा गया है।
बीजेपी बिहार ने सभी नवनियुक्त मंत्रियों को बधाई देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में नई सरकार सुशासन और स्थिरता को नई दिशा देगी।
नई कैबिनेट में मुख्यमंत्री के अलावा कुल 26 मंत्री शामिल किए गए हैं।
