सेना पर राहुल गांधी के बयान पर राजनाथ सिंह का तीखा जवाब कहा- “सेना का एक ही धर्म: सैन्य धर्म”

बिहार राजनाथ सिंह ने राहुल गांधी के सेना-संबंधित बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि भारतीय सेना के जवानों का धर्म केवल “सैन्य धर्म” है, और इसे राजनीति के दायरे में नहीं घसीटना चाहिए।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा: “हमारी सेना के जवानों का एक ही धर्म है। वह धर्म है ‘सैन्य धर्म’। इसके अलावा कोई दूसरा धर्म नहीं है।
उन्होंने अनुरोध किया कि सेना को राजनीति में न खींचें।
साथ ही उन्होंने कहा कि जाति, संप्रदाय और धर्म की राजनीति ने देश को बहुत नुकसान पहुँचाया है; हमारी सोच है कि समाज के सभी वर्गों को साथ लेकर चलना चाहिए।
यह बयान बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण से ठीक पहले आया है, जहाँ पहले चरण की 121 सीटों पर 6 नवंबर को मतदान होना है।
– राहुल गांधी ने हाल ही में दावा किया था कि देश की सेना “10 % आबादी के नियंत्रण में है” — इस टिप्पणी को विपक्ष और मीडिया में विवाद का विषय बनाया गया है।
– इस तरह का बयान चुनावी माहौल में सुरक्षा-संस्था, संवैधानिक संस्था और राजनीति के बीच के संबंध पर बहस को तेज करता है।
– राजनाथ सिंह का यह जवाब चुनावी वक्त और स्थिति को देखते हुए महत्व रखता है क्योंकि बिहार चुनाव में सुरक्षा प्रशासन, मतदान-तैयारी और राजनीतिक अभियान पहले चरण में बढ़ चढ़ कर चल रहे हैं।
– इस बयान-विवाद से चुनावी माहौल में सुरक्षा-संस्था-राजनीति के संबंध की सुर्खियाँ बढ़ेंगी।
– सेना-संबंधित बयान अक्सर देश की सुरक्षा-संस्था की छवि, राजनीतिक दलों की शक्ति-प्रतिष्ठा व मतदाताओं के रवैये को प्रभावित कर सकते हैं।
– बिहार चुनाव के पहले चरण के लिए इसकी राजनीतिक उपयोगिता भी देखी जाएगी — किसी दल द्वारा इसे लाभ में बदलने की संभावना है।
राजनीतिक बहस में सेना-संस्था को मध्य में लाने की इस घटना से यह स्पष्ट होता है कि चुनावी दौर में सुरक्षा-संस्था, मतदान-तैयारी और राजनीतिक बयानबाजी एक साथ चलते हैं। रक्षा मंत्री के तीखे जवाब से यह संदेश गया है कि संवैधानिक संस्थाओं को राजनीति से अलग रखना आवश्यक है। अब देखना यह होगा कि इस विवाद का चुनावी माहौल और मतदाताओं पर क्या असर होगा।
