सोनपुर मेला-2025: प्रदर्शनी का अवलोकन, उत्पादकों से संवाद और स्वरोजगार को बढ़ावा

सारण जिले के सोनपुर स्थित विश्व-प्रसिद्ध हरिहर क्षेत्र सोनपुर मेला-2025 का आज विस्तृत निरीक्षण किया गया। इस दौरान अधिकारियों को मेला परिसर में की गई तैयारियों, व्यवस्था, सुरक्षा, स्वच्छता और विकास संबंधी कार्यों को और बेहतर बनाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। सोनपुर मेला, जो अपनी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान के लिए देशभर में जाना जाता है, हर वर्ष लाखों लोगों को आकर्षित करता है। प्रशासन द्वारा इस बार मेले को अधिक व्यवस्थित, सुरक्षित और जनहितकारी बनाने के लिए कई नए प्रयास भी किए जा रहे हैं।
निरीक्षण के क्रम में विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉल और प्रदर्शनी का अवलोकन किया गया। इन प्रदर्शनी में विकास योजनाओं, सरकारी सेवाओं, स्थानीय उत्पादों और हस्तशिल्प से संबंधित जानकारी दी जा रही है। उत्पादकों और विक्रेताओं से मिलकर उनके उत्पादों के निर्माण, विपणन और बाजार उपलब्धता से संबंधित समस्याओं एवं सुझावों पर भी चर्चा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि मेले में आने वाले कारीगरों और छोटे उद्यमियों को अधिकतम सुविधा उपलब्ध कराई जाए ताकि स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिल सके।
इस दौरान जीविका दीदियों ने ‘मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना’ के तहत प्राप्त सहायता राशि से शुरू किए गए अपने-अपने स्वरोजगार की कहानी साझा की। उन्होंने बताया कि सरकारी सहायता ने उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत बनाया है और अब वे परिवार और समाज दोनों के लिए प्रेरणा बन रही हैं। निरीक्षण के दौरान जीविका दीदियों और अन्य पात्र लाभार्थियों को सहायता राशि के चेक वितरित किए गए, जिससे उन्हें अपने व्यवसाय का विस्तार करने में मदद मिलेगी।
सोनपुर मेला न केवल बिहार की सांस्कृतिक धरोहर का प्रतीक है, बल्कि यह ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूती का आधार भी है। प्रशासन का प्रयास है कि परंपरा, पर्यटन और व्यापार—तीनों को बढ़ावा मिलता रहे और मेला आने वाले वर्षों में और अधिक भव्य एवं उपयोगी बन सके।
