बिहार चुनाव को लेकर दिल्ली और पटना में सियासी हलचल

विधानसभा चुनाव 2025 के मद्देनज़र बिहार की सियासत में गहमागहमी तेज हो गई है। एक तरफ दिल्ली में भाजपा और एनडीए के नेता रणनीति बनाने में जुटे हैं, तो दूसरी तरफ पटना और बिहार के विभिन्न जिलों में विपक्षी महागठबंधन और कांग्रेस सक्रिय हो गए हैं।
दिल्ली में अमित शाह की अहम बैठक
मंगलवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने दिल्ली में बिहार भाजपा और एनडीए नेताओं की बैठक बुलाई। इसमें उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, विजय कुमार सिन्हा समेत कई दिग्गज शामिल हुए। बैठक में सीट बंटवारे, चुनावी प्रचार की रणनीति और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आगामी बिहार दौरे की तैयारियों पर चर्चा हुई। सूत्रों के मुताबिक भाजपा-जदयू के बीच सीट शेयरिंग को लेकर अंतिम समझौते की कोशिशें तेज़ हैं।
विपक्ष की रणनीति और वोटर अधिकार यात्रा
वहीं, विपक्षी INDIA गठबंधन ने भी बैठकें तेज कर दी हैं। राजद नेता तेजस्वी यादव के आवास पर महागठबंधन दलों के नेताओं ने सीट आवंटन और संयुक्त रैली की तैयारी पर मंथन किया। कांग्रेस आलाकमान ने भी अपने सांसदों और वरिष्ठ नेताओं को राहुल गांधी की वोटर अधिकार यात्रा में सक्रिय भागीदारी के निर्देश दिए हैं। इस यात्रा को चुनावी मुद्दा बनाने की रणनीति पर काम किया जा रहा है।
बिहार में जमीनी अभियान
इधर, बिहार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बेलागंज में चुनावी सभा की और जनता से फिर समर्थन की अपील की। उन्होंने जदयू की नीतियों और “वन मैन, वन पोस्ट” जैसे मुद्दों को सामने रखा। वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्चुअली जीविका निधि की शुरुआत करते हुए 105 करोड़ रुपये स्थानांतरित किए और बिहार की महिलाओं के सशक्तिकरण की सराहना की।
सियासी संकेत
दिल्ली और बिहार में हो रही बैठकों से साफ है कि सभी दल चुनावी मोड में आ चुके हैं। भाजपा-एनडीए सीट बंटवारे को अंतिम रूप देने की कोशिश में है, तो विपक्षी INDIA ब्लॉक जनता को गोलबंद करने के लिए यात्राओं और रैलियों पर जोर दे रहा है। आने वाले हफ्तों में गठबंधन समीकरण और प्रत्याशियों की सूची तस्वीर को और साफ करेंगे।
