सासाराम रैली में अमित शाह का हमला: आतंकवाद व घुसपैठियों पर विपक्ष को आड़े हाथों लिया, कहा—बिहार से एक-एक घुसपैठिया निकाले जाएंगे

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने सासाराम में आयोजित चुनावी सभा के दौरान आतंकवाद, राष्ट्रीय सुरक्षा और अवैध घुसपैठियों के मुद्दे को जोरदार तरीके से उठाया और विपक्षी नेताओं पर तीखे हमले किए। उन्होंने कहा कि पूर्व सरकारों के दौरान आतंकवादियों पर कार्रवाई ढीली रहती थी, जबकि नरेंद्र मोदी सरकार ने सुरक्षा के सख्त कदम उठाए हैं। शाह ने सभा को संबोधित करते हुए सुरक्षात्मक कार्रवाइयों और भविष्य की योजनाओं का हवाला देते हुए लोगों से बीजेपी के पक्ष में वोट देने का आह्वान किया।
अमित शाह ने अपने भाषण में कहा कि “जब सोनिया, मनमोहन और लालू के समय था, तो आतंकवादी घुस आते थे, हमारे देश में हमला करते थे और भाग निकलते थे, कोई सवाल नहीं करता था। नरेंद्र मोदी सरकार आने के बाद उरी हमले के जवाब में सर्जिकल स्ट्राइक की गई और पुलवामा के बाद हवाई कार्रवाई की गई।” उन्होंने दावा किया कि पाकिस्तान में सख्त ऑपरेशन्स किए गए और सीमा पार जाकर आतंकवादियों को निशाना बनाया गया, जिससे देश की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत हुई है।
रैली में अमित शाह ने भावुक रूप से कहा, “यहां मां शाक्तिपीठ की पवित्र भूमि पर मैं कहता हूं, अगर आतंकवादी गोली चलाएंगे तो हम गोलाबारी से जवाब देंगे।” उन्होंने बिहार में रक्षा उद्योग और सुरक्षा ढांचे को मजबूत करने की योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी राज्य में डिफेंस कॉरिडोर बनाएंगे और एक आर्डनेंस फैक्ट्री स्थापित की जाएगी, जिससे स्थानीय युवाओं को रोजगार भी मिलेगा और सुरक्षा क्षेत्र मजबूत होगा।
घुसपैठियों के मुद्दे पर अमित शाह ने विपक्ष, विशेषकर राहुल गांधी और तेजस्वी यादव पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ विपक्षी नेता घुसपैठियों के समर्थन में यात्रा निकालते हैं और उन्हें अपना वोट बैंक बना चुके हैं। शाह ने कहा, “हम बिहार और देश से एक-एक घुसपैठिए को निकालने का काम करेंगे। हमें घुसपैठियों के वोट नहीं चाहिए, हम सासाराम के युवाओं के वोट और मेहनती दीदियों के वोट से जीतने आए हैं।” उनका यह भी कहना था कि अवैध घुसपैठिये स्थानीय युवाओं की नौकरियाँ छीन रहे हैं और गरीबों के राशन में हिस्सा ले रहे हैं, इसलिए इस समस्या को तुरंत सुलझाना आवश्यक है।
सभा में अमित शाह ने पार्टी की नीतियों का बचाव करते हुए कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा और सीमाओं की रक्षा उनकी पहली प्राथमिकता है। उन्होंने स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन, सीमांत इलाकों की सुरक्षा और कानून व्यवस्था सुधारने के वादे दोहराए और जनता से बीजेपी को समर्थन देने की अपील की।
अमित शाह के इस बयान के बाद सियासी पारा और बढ़ गया है। उनके आरोपों पर विपक्ष की प्रतिक्रिया क्या होगी और आगामी दिनों में यह मुद्दा किस तरह चुनावी बहसों को प्रभावित करेगा, यह देखना बाकी है।
