शेयर बाजार में लौटी हरियाली, निफ्टी और सेंसेक्स बढ़त के साथ बंद, कच्चे तेल में गिरावट से बाजार को मिली राहत

हफ्ते के अंतिम कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार ने पिछले सत्र की बड़ी गिरावट से उबरते हुए शानदार वापसी की। कारोबार के अंत में मुख्य सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी लाल निशान से बाहर निकलकर हरे निशान पर बंद हुए। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में आई नरमी और वैश्विक बाजार से मिले सकारात्मक संकेतों के बल पर घरेलू बाजार दिन के ऊपरी स्तरों के करीब पहुंचने में सफल रहा।
कारोबार के दौरान सेंसेक्स और निफ्टी की चाल ट्रेडिंग सेशन की शुरुआत में सेंसेक्स हल्की गिरावट के साथ खुला था, लेकिन जैसे-जैसे कारोबार आगे बढ़ा, खरीदारी का दौर शुरू हो गया। दिन के दौरान इसमें तीन सौ अंकों से अधिक की बढ़त देखी गई और यह अपने उच्च स्तर के पास जाकर बंद हुआ। इसी तरह निफ्टी भी शुरुआती सुस्ती को पीछे छोड़ते हुए उछाल दर्ज करने में कामयाब रहा और उसने दिन के कारोबार में अच्छी बढ़त हासिल की।
सेक्टरवार प्रदर्शन में दिखा मिला-जुला असर बाजार में समग्र रूप से तेजी रहने के बावजूद अलग-अलग सेक्टरों में भिन्न रुझान देखने को मिला। रियल्टी और ऑटो सेक्टर के शेयरों में निवेशकों ने जमकर खरीदारी की, जिससे इन क्षेत्रों में सबसे अधिक तेजी दर्ज की गई। दूसरी ओर सीमेंट, मीडिया, सूचना प्रौद्योगिकी और फार्मा सेक्टर के शेयरों पर दबाव बना रहा, जिसके चलते इन क्षेत्रों में बिकवाली का माहौल देखने को मिला।
दिग्गज शेयरों का प्रदर्शन और बाजार की स्थिति निफ्टी के प्रमुख शेयरों में बैंकिंग और ऑटोमोबाइल कंपनियों का प्रदर्शन काफी मजबूत रहा। एक्सिस बैंक, एशियन पेंट्स, महिंद्रा एंड महिंद्रा और बजाज फाइनेंस जैसे बड़े शेयरों ने बाजार को ऊपर ले जाने में मुख्य भूमिका निभाई। इसके विपरीत मैक्स हेल्थ, इंफोसिस और ओएनजीसी जैसी कंपनियों के शेयरों में मुनाफावसूली के कारण गिरावट दर्ज की गई, जिससे बाजार की बढ़त एक सीमित सीमा में बंधी रही।
बाजार में रिकवरी के बावजूद बनी रही चिंताएं कच्चे तेल की दरों में आई गिरावट ने भले ही बाजार को राहत दी हो, लेकिन विदेशी संस्थागत निवेशकों की निकासी और महंगाई से जुड़ी चिंताएं अब भी बरकरार हैं। इसके अलावा वैश्विक बॉन्ड यील्ड के उच्च स्तर पर बने रहने के कारण निवेशक पूरी तरह से आक्रामक खरीदारी करने से बचते नजर आए। विश्लेषकों का मानना है कि हालिया गिरावट के बाद आई यह तेजी मुख्य रूप से चुनिंदा शेयरों में हुई खरीदारी का परिणाम है।
आगामी सत्रों के लिए निवेशकों का नजरिया व्यापक बाजार के लिहाज से स्मॉलकैप इंडेक्स में हल्का सुधार देखा गया, जबकि मिडकैप क्षेत्र में मामूली सुस्ती दर्ज की गई। करेंसी बाजार के दबाव और विदेशी फंडों के प्रवाह को देखते हुए आने वाले दिनों में बाजार की चाल सीमित रहने की संभावना है। ऐसे माहौल में निवेशकों को सावधानी बरतने और केवल मजबूत बुनियादी ढांचे वाले शेयरों पर ध्यान केंद्रित करने की सलाह दी जाती है।
