भारतीय टेलीकॉम बाजार में जियो का दबदबा बरकरार, अगस्त में जोड़े सबसे ज्यादा नए मोबाइल और ब्रॉडबैंड ग्राहक

भारतीय टेलीकॉम सेक्टर में ग्राहकों की नई दौड़
देश के टेलीकम्युनिकेशन सेक्टर में अगस्त के दौरान जबरदस्त हलचल देखने को मिली है। इस पूरे महीने में नई कनेक्टिविटी हासिल करने के मामले में एक प्रमुख कंपनी ने बाकी सभी प्रतिस्पर्धी कंपनियों को काफी पीछे छोड़ दिया है। अगस्त महीने के दौरान चौबीस लाख से अधिक नए वायरलेस मोबाइल यूजर्स जोड़कर इस कंपनी ने अपनी स्थिति और मजबूत कर ली है। टेलीकॉम सेक्टर में लगातार बढ़ते प्रतिस्पर्धात्मक माहौल के बीच उपयोगकर्ताओं की पहली पसंद बनने का यह सिलसिला देश में डिजिटल सेवाओं के विस्तार को दर्शाता है।
अन्य प्रमुख टेलीकॉम कंपनियों का प्रदर्शन और ग्राहकों का रुझान
बाजार में मौजूद अन्य प्रमुख नेटवर्क ऑपरेटर्स ने भी अगस्त में अपने ग्राहक आधार में इजाफा किया है। दूसरे स्थान पर रही दिग्गज कंपनी ने करीब इक्कीस लाख नए वायरलेस यूजर्स अपने नेटवर्क से जोड़े। इसके अलावा तीसरे स्थान की निजी टेलीकॉम कंपनी ने लगभग सवा पांच लाख नए ग्राहक बनाए, जबकि सरकारी कंपनी ने लगभग चार लाख नब्बे हजार नए यूजर्स जोड़ने में सफलता पाई। हालांकि कुछ पुरानी और छोटी सरकारी सेवाओं के ग्राहकों में थोड़ी गिरावट भी दर्ज की गई, लेकिन overall मार्केट में तेजी का रुझान बना रहा।
देश भर में बढ़ा वायरलेस मोबाइल यूजर बेस
अगस्त महीने के दौरान पूरे देश में वायरलेस मोबाइल कनेक्शन लेने वाले लोगों की कुल संख्या में काफी बड़ा उछाल आया है। इस अवधि में कुल मिलाकर लगभग पचपन लाख नए मोबाइल यूजर्स जुड़े, जिसके साथ ही देश का कुल वायरलेस ग्राहक आधार एक अरब उनतीस करोड़ के आंकड़े को पार कर गया है। डिजिटल इंडिया की दिशा में बढ़ते कदमों और इंटरनेट की सुलभता ने लोगों को मोबाइल नेटवर्क से जुड़ने के लिए और अधिक प्रेरित किया है।
ब्रॉडबैंड सेवाओं के विस्तार में आई नई तेजी
मोबाइल नेटवर्क के साथ-साथ देश में हाई-स्पीड इंटरनेट यानी ब्रॉडबैंड सेवाओं का दायरा भी तेजी से बढ़ रहा है। जुलाई के मुकाबले अगस्त में ब्रॉडबैंड यूजर्स की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। जुलाई में कुल ब्रॉडबैंड यूजर्स एक अरब नौ करोड़ के आसपास थे, जो अगस्त में बढ़कर एक अरब दस करोड़ तक पहुंच गए। इस क्षेत्र में शीर्ष पांच सेवा प्रदाताओं का पूर्ण वर्चस्व कायम है, जिनकी कुल बाजार हिस्सेदारी नब्बे प्रतिशत से भी अधिक बनी हुई है।
ब्रॉडबैंड सेगमेंट में कंपनियों की स्थिति और प्रतिस्पर्धा
हाई-स्पीड इंटरनेट सेवाओं की बात करें तो यहां भी शीर्ष कंपनी तिरपन करोड़ अस्सी लाख से अधिक ग्राहकों के साथ सबसे आगे बनी हुई है। दूसरे स्थान पर मौजूद नेटवर्क के पास अडतीस करोड़ तिरसठ लाख से अधिक ब्रॉडबैंड यूजर्स हैं। तीसरी प्रमुख निजी कंपनी के पास लगभग तेरह करोड़ और सरकारी ऑपरेटर के पास पौने तीन करोड़ से अधिक ब्रॉडबैंड ग्राहक मौजूद हैं। घर-घर तक हाई-स्पीड फाइबर और इंटरनेट पहुंचाने की होड़ ने इस सेगमेंट में प्रतिस्पर्धा को बेहद दिलचस्प बना दिया है।
फिक्स्ड वायरलेस एक्सेस नेटवर्क में मिली बड़ी सफलता
आधुनिक फिक्स्ड वायरलेस एक्सेस यानी एफडब्ल्यूए तकनीक के क्षेत्र में भी बाजार की अग्रणी कंपनी ने अपना दबदबा कायम रखा है। अगस्त में ही कंपनी ने 5जी एफडब्ल्यूए सेगमेंट में करीब डेढ़ लाख नए कनेक्शन जोड़े, जिससे उसके इस आधुनिक नेटवर्क का कुल यूजर बेस चौराहे लाख के पार पहुंच गया। यूबीआर आधारित वायरलेस इंटरनेट के मामले में भी कंपनी ने दो लाख तीस हजार से अधिक नए ग्राहकों को अपने साथ जोड़ा। दोनों तकनीकों को मिलाकर कंपनी का प्रदर्शन प्रतिस्पर्धियों के मुकाबले काफी आगे रहा।
वायर्ड ब्रॉडबैंड और कुल टेली-डेंसिटी में उछाल
वायर्ड यानी केबल आधारित ब्रॉडबैंड सेवाओं के मामले में भी मुख्य कंपनी एक करोड़ हड़तालिस लाख ग्राहकों के साथ पहले स्थान पर रही, जबकि निकटतम प्रतिस्पर्धी एक करोड़ चौदह लाख यूजर्स के साथ दूसरे स्थान पर रही। समग्र रूप से देखें तो अगस्त के अंत तक भारत में कुल टेलीफोन ग्राहक आधार चौंसठ लाख से अधिक बढ़कर एक अरब छत्तीस करोड़ तक पहुंच गया है। इसके साथ ही देश की कुल टेली-डेंसिटी बढ़कर पंचानवे प्रतिशत से अधिक हो गई है, जो इस बात का संकेत है कि देश का बड़ा हिस्सा अब आधुनिक टेलीकॉम सेवाओं से पूरी तरह जुड़ चुका है।
