देश का विदेशी मुद्रा भंडार 14.16 अरब डॉलर बढ़कर 701 अरब डॉलर के पार

देश के विदेशी मुद्रा भंडार में एक बार फिर मजबूती देखने को मिली है। 16 जनवरी को समाप्त सप्ताह में विदेशी मुद्रा भंडार 14 अरब 16 करोड़ डॉलर से अधिक की बढ़ोतरी के साथ 701 अरब डॉलर के आंकड़े को पार कर गया है। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार इस बढ़ोतरी का बड़ा कारण विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियों और स्वर्ण भंडार में आया उछाल है।
केंद्रीय बैंक के मुताबिक विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियों में 9 अरब 60 करोड़ डॉलर की वृद्धि दर्ज की गई है, जिसके बाद इनका स्तर बढ़कर 508 अरब 50 करोड़ डॉलर हो गया। आरबीआई ने बताया कि यूरो, पाउंड और जापानी येन जैसी प्रमुख अंतरराष्ट्रीय मुद्राओं में उतार-चढ़ाव के चलते विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियों के मूल्य में यह बदलाव देखने को मिला है।
इसी अवधि में देश के स्वर्ण भंडार में भी उल्लेखनीय इजाफा हुआ है। स्वर्ण भंडार 4 अरब 60 करोड़ डॉलर बढ़कर 117 अरब 40 करोड़ डॉलर से अधिक हो गया है, जो देश की मजबूत आर्थिक स्थिति और वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच सुरक्षित निवेश रणनीति को दर्शाता है। हालांकि विशेष आहरण अधिकार यानी एसडीआर में 3 करोड़ 50 लाख डॉलर की मामूली कमी दर्ज की गई और यह घटकर 18 अरब 70 करोड़ डॉलर रह गया। इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष में केंद्रीय बैंक की स्थिति भी 7 करोड़ 30 लाख डॉलर की गिरावट के साथ 4 अरब 68 करोड़ डॉलर पर आ गई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि विदेशी मुद्रा भंडार में यह बढ़ोतरी भारत की बाहरी आर्थिक स्थिति को और मजबूत बनाती है, जिससे आयात भुगतान, रुपये की स्थिरता और वैश्विक झटकों से निपटने में देश को अतिरिक्त सहारा मिलता है।
