जनवरी में शेयर बाजार की बड़ी गिरावट, गणतंत्र दिवस के बाद सुधार की उम्मीद

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जनवरी 2026 में भारतीय शेयर बाजार में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ही सूचकांक इस महीने 4 प्रतिशत से अधिक टूट चुके हैं। बाजार में यह गिरावट मुख्य रूप से विदेशी संस्थागत निवेशकों की लगातार फंड निकासी, रुपये की कमजोरी और वैश्विक भू-राजनीतिक जोखिमों के कारण आई है। इसके अलावा कॉर्पोरेट आय में सुस्ती और नए टैरिफ को लेकर बढ़ती चिंताओं ने भी निवेशकों की धारणा को कमजोर किया है।

विदेशी निवेशक लगातार भारतीय बाजार से पूंजी निकाल रहे हैं, जिससे बाजार पर दबाव बना हुआ है। वहीं डॉलर के मुकाबले रुपया रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया है, जिसने निवेशकों की चिंता और बढ़ा दी है। कमजोर रुपया आयात लागत बढ़ाने के साथ-साथ महंगाई और कंपनियों के मुनाफे पर असर डाल सकता है, इसी कारण बाजार में सतर्कता का माहौल बना हुआ है।

विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा गिरावट के पीछे वैश्विक संकेतों की बड़ी भूमिका है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भू-राजनीतिक तनाव, वैश्विक अर्थव्यवस्था की सुस्त रफ्तार और व्यापार से जुड़े नए टैरिफ की आशंकाओं ने निवेशकों को जोखिम से दूर रहने पर मजबूर किया है। इसका सीधा असर भारतीय शेयर बाजार पर देखने को मिल रहा है।

हालांकि बाजार जानकारों को उम्मीद है कि गणतंत्र दिवस के बाद शेयर बाजार में कुछ हद तक सुधार देखने को मिल सकता है। ऐतिहासिक रुझानों पर नजर डालें तो कई बार जनवरी के आखिरी सप्ताह और उसके बाद बाजार में रिकवरी देखने को मिली है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि वैश्विक हालात में स्थिरता आती है और रुपये पर दबाव कुछ कम होता है, तो बाजार धीरे-धीरे संभल सकता है। फिलहाल निवेशकों को सतर्क रहने और लंबी अवधि की रणनीति के साथ कदम बढ़ाने की सलाह दी जा रही है।

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