Infosys का मुनाफा घटा, TCS को लगा बड़ा झटका, लेबर कानूनों का दिखा असर

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देश की दूसरी सबसे बड़ी आईटी कंपनी इंफोसिस के लिए मौजूदा वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही कुछ उतार-चढ़ाव भरी रही। कंपनी का शुद्ध मुनाफा साल-दर-साल आधार पर करीब दो प्रतिशत घटकर 6,654 करोड़ रुपये रह गया, जबकि पिछले साल इसी तिमाही में यह 6,806 करोड़ रुपये था। हालांकि, कमजोर मुनाफे के बावजूद कंपनी के रेवेन्यू में अच्छी बढ़त देखने को मिली है। दिसंबर तिमाही में इंफोसिस की आय करीब 8.89 प्रतिशत बढ़कर 45,479 करोड़ रुपये पहुंच गई, जो एक साल पहले 41,764 करोड़ रुपये थी।

कंपनी ने बताया कि नए लेबर कोड लागू होने की वजह से उसे इस तिमाही में करीब 1,289 करोड़ रुपये का एकमुश्त खर्च उठाना पड़ा, जिससे मुनाफे पर दबाव पड़ा। इसके बावजूद इंफोसिस की डील पाइपलाइन मजबूत बनी हुई है। कंपनी ने पूरे वित्त वर्ष के लिए अपने रेवेन्यू ग्रोथ अनुमान को बढ़ाकर 3 से 3.5 प्रतिशत कर दिया है, जो पहले 2 से 3 प्रतिशत था। ऑपरेटिंग मार्जिन को लेकर कंपनी ने 20 से 22 प्रतिशत का अनुमान बरकरार रखा है।

इंफोसिस के सीईओ सलील पारेख ने कहा कि कंपनी को बाजार से मजबूत डिमांड मिल रही है और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि फाइनेंशियल सर्विसेज, एनर्जी और यूटिलिटी सेक्टर से अच्छी ग्रोथ आ रही है और कंपनी के 200 बड़े क्लाइंट्स में से करीब 90 प्रतिशत के साथ AI से जुड़ी सेवाओं पर काम किया जा रहा है। तीसरी तिमाही में इंफोसिस ने 26 बड़ी डील्स हासिल की हैं, जिनकी कुल कॉन्ट्रैक्ट वैल्यू लगभग 4.8 अरब डॉलर रही।

वहीं देश की सबसे बड़ी आईटी कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज यानी टीसीएस के लिए यह तिमाही ज्यादा चुनौतीपूर्ण साबित हुई। कंपनी का कंसॉलिडेटेड नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर करीब 14 प्रतिशत गिरकर 10,657 करोड़ रुपये रह गया, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह 12,380 करोड़ रुपये था। हालांकि टीसीएस की ऑपरेटिंग इनकम में बढ़ोतरी हुई है और यह 16,889 करोड़ रुपये पर पहुंच गई, जो पिछले साल 15,657 करोड़ रुपये थी।

टीसीएस के मुनाफे पर भी नए लेबर कानूनों का बड़ा असर पड़ा है। कंपनी को इन बदलावों के चलते करीब 2,128 करोड़ रुपये का एकमुश्त खर्च उठाना पड़ा, जिससे उसका प्रॉफिट काफी दबाव में आ गया। आईटी सेक्टर की दोनों दिग्गज कंपनियों के नतीजे यह दिखाते हैं कि जहां कारोबार में मांग बनी हुई है, वहीं नियामकीय बदलावों और अतिरिक्त खर्चों की वजह से मुनाफे पर असर पड़ रहा है।

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